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सुप्रीम कोर्ट की मुहर से गूंज उठा वृंदावन: बांके बिहारी कॉरिडोर को मिली मंजूरी, श्रद्धालुओं को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

Banke Bihari Corridor

Banke Bihari Corridor: वृंदावन के श्रद्धालुओं के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दे दी। इस फैसले से पूरे ब्रज क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। वर्षों से भीड़भाड़ और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं को अब दर्शन के लिए बेहतर और सुव्यवस्थित व्यवस्था मिलेगी। नई योजना के तहत एक साथ छह हजार श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर सकेंगे, हजारों वाहनों की पार्किंग होगी और यात्रियों को व्यापक सुविधाएं मिलेंगी। मंदिर का मूल स्वरूप यथावत रखा जाएगा, जबकि बाहरी क्षेत्र का आधुनिकीकरण होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि 500 करोड़ रुपये मंदिर कोष से खर्च किए जाएंगे। अब जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है।

कोर्ट की मुहर से मिली राहत, अब नहीं होगी धक्का-मुक्की

Banke Bihari Corridor परियोजना को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर है। जहां पहले केवल 600 से 1000 श्रद्धालु ही एक साथ दर्शन कर पाते थे, अब यह संख्या बढ़कर 6000 हो जाएगी। इससे भीड़ की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर का मूल स्वरूप बिल्कुल नहीं बदलेगा और न ही किसी परंपरा से छेड़छाड़ होगी। कॉरिडोर में प्रतीक्षालय, पेयजल, वाई-फाई, फूडकोर्ट, विश्राम स्थल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पार्किंग, पुल और संपर्क मार्गों का जाल, यातायात होगा सुगम

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। सुनरख क्षेत्र में 26 हजार वर्गमीटर में पार्किंग बनेगी, जिसमें 1000 वाहन खड़े हो सकेंगे। वहीं, यमुना पार बेगमपुर में 12 हेक्टेयर में हरियाली युक्त ग्रीन पार्किंग बनेगी, जिसमें चार हजार वाहन एक साथ पार्क हो सकेंगे। यहां से गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा के माध्यम से श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा तीन नए पुल और छह किमी का मिनी लिंक एक्सप्रेस-वे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ाव को आसान बनाएंगे।

श्रद्धालुओं के लिए होंगे प्रतीक्षालय, बगीचे और दवा केन्द्र

करीब 5300 वर्गमीटर में दो प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे जहां श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे। इनमें शिशुओं की देखरेख के लिए विशेष स्थान होगा। कॉरिडोर क्षेत्र में द्वापर युग की वनस्पतियां जैसे पारिजात, कदम्ब, पीपल, बरगद आदि लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति होगी। 11 हजार वर्गमीटर में यात्री सुविधाओं की व्यवस्था होगी, जिसमें चिकित्सा केंद्र, शौचालय, प्रसाधन, पूजा की दुकानें और वीआईपी कक्ष भी शामिल होंगे।

भव्य होगा डिजाइन, मंदिर जैसा ही होगा विस्तार क्षेत्र

Banke Bihari Corridor के बाहरी हिस्से का निर्माण मंदिर की पारंपरिक शैली में लाल पत्थरों से किया जाएगा, ताकि वह मूल मंदिर से अलग न लगे। दो स्तरों में बना कॉरिडोर श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित दर्शन की सुविधा देगा। ऊपर और नीचे के हिस्सों में विश्राम स्थल, मेडिकल सुविधाएं, सामानघर, जूता घर और पूजा सामग्री की दुकानें होंगी। नीचे का हिस्सा लगभग 5000 वर्गमीटर और ऊपर का हिस्सा 650 वर्गमीटर का होगा।

Banke Bihari Corridor परियोजना न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देगी, बल्कि वृंदावन की प्राचीन धार्मिक गरिमा को भी समृद्ध करेगी। अब श्रद्धालु भीड़ से परेशान हुए बिना अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। योगी सरकार की इस पहल को सुप्रीम कोर्ट से वैधानिक समर्थन मिलना पूरे ब्रज क्षेत्र के लिए एक नया अध्याय साबित होगा।

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