Murder Mystery: बरेली के भोजीपुरा इलाके में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले बुजुर्ग किराना व्यापारी सियाराम श्रीवास्तव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को धौराटांडा निवासी अरमान ने अंजाम दिया था। आरोपी ने पहले ओमनी वैन से व्यापारी को टक्कर मारकर सड़क पर गिराया और इसके बाद बकरा काटने वाले चाकू से उनका गला रेत दिया। हत्या के बाद आरोपी मृतक की जेब में रखे 1200 रुपये लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि अरमान नशे का आदी है और वह व्यापारी को पहले से नहीं जानता था।
दो लोगों का पीछा
पुलिस पूछताछ में अरमान ने बताया कि सियाराम की हत्या से पहले उसने दो अन्य लोगों का भी पीछा किया था, लेकिन वे किसी तरह बच निकले। इसके बाद उसकी नजर सियाराम पर पड़ी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से किसी व्यक्ति की हत्या नहीं कर पाया था और इसी वजह से पिछले तीन दिनों से ठीक से सो नहीं पा रहा था। हालांकि, पुलिस पूछताछ में उसके नशे का आदी होने की बात सामने आई है। आरोपी जिस वैन का इस्तेमाल वारदात में किया गया, वह उसके पिता इम्तियाज के नाम पर पंजीकृत थी।
सीसीटीवी से खुली पोल
सियाराम श्रीवास्तव 24 जुलाई की सुबह करीब छह बजे घर से टहलने निकले थे। कुछ देर बाद धौराटांडा-बीबियापुर रोड पर कस्बे से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर उनका शव मिला था। शरीर पर चाकू से हमला करने के निशान थे और गला भी धारदार हथियार से रेता गया था। शुरुआत में मृतक के बेटे सुरेश की शिकायत पर तीन पड़ोसियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जब घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो एक वैन सियाराम का पीछा करती नजर आई। पुलिस ने फुटेज के आधार पर वैन की गतिविधियों को ट्रेस किया। लौटते समय वैन का शीशा टूटा मिला, जिससे पुलिस को शक हुआ कि इसी वाहन से व्यापारी को टक्कर मारी गई थी।
वैन पर बना स्टार
सीसीटीवी फुटेज में वैन का नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए पुलिस के सामने वाहन की पहचान करना चुनौती थी। इसी दौरान टीम ने वैन के साइड शीशे पर बने एक खास स्टार के निशान को देखा। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि ऐसी वैन धौराटांडा निवासी इम्तियाज के पास है। इसके बाद पुलिस ने इम्तियाज और उसके बेटे अरमान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में अरमान ने हत्या की पूरी कहानी पुलिस के सामने बता दी। उसने बताया कि घटना के बाद वह अपने पिता के पास पहुंचा और वारदात की जानकारी दी।
राइस मिल में छिपाई वैन
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए अरमान और उसके पिता इम्तियाज ने वारदात में इस्तेमाल वैन और चाकू को छिपा दिया था। वैन को हमदर्द राइस मिल में रखा गया था। दोनों को आशंका थी कि पुलिस वाहन तक पहुंच सकती है, इसलिए वे उसे वहां से निकालकर हल्द्वानी की ओर ले जाकर छिपाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इम्तियाज पर बेटे की मदद करने और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
तीन निर्दोष बचे
इस मामले में पुलिस की जांच से तीन निर्दोष लोगों को जेल जाने से बचा लिया गया। शुरुआती शिकायत में मृतक के परिवार ने शक के आधार पर तीन पड़ोसियों के नाम दिए थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की, लेकिन जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया और असली आरोपी तक पहुंची।
सीसीटीवी फुटेज से जुटाए अहम सुराग
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम ने जांच की। एसओजी प्रथम प्रभारी सुनील शर्मा की टीम में एसआई नवीन, हेड कांस्टेबल राहुल और संजय समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग जुटाए। पुलिस के मुताबिक, अरमान के पिता ने बेटे को बचाने के लिए उसे मानसिक रूप से बीमार भी बताया, लेकिन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
