नई रेल लाइनों के सर्वे को मंजूरी, बरेली से कन्नौज, फर्रुखाबाद और कानपुर तक कनेक्टिविटी सुधरेगी, दूरी होगी कम

बरेली से कन्नौज, फर्रुखाबाद और कानपुर की यात्रा आसान बनाने के लिए नई रेल लाइनों के सर्वे को मंजूरी मिली है। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को समय और खर्च में राहत मिलेगी।

Bareilly से Farrukhabad और Kannauj तक सीधे ट्रेन का रूट न होने से लोगों को अब तक काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। यात्रियों को मजबूरी में सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय भी ज्यादा लगता है और खर्च भी बढ़ जाता है।

कानपुर का सफर भी मुश्किल

इसी तरह Kanpur जाने के लिए भी विकल्प सीमित हैं। बरेली से कानपुर के लिए केवल दो ही ट्रेनें चलती हैं, जिससे यात्रियों को अक्सर भीड़ और असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सीधी और बेहतर रेल सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी।

नई रेल लाइनों से बढ़ी उम्मीद

अब रेलवे ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। अलग-अलग रूट पर नई रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई जा रही है। इन नई लाइनों के बनने से बरेली और आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।

इन रूट्स पर होगा सर्वे

रेलवे की योजना के तहत उन्नाव से मुरादाबाद के बीच सीधी ट्रेन चलाने के लिए बालामऊ में करीब 10 किलोमीटर की कनेक्टिंग लाइन के सर्वे को मंजूरी मिली है। इसके अलावा Hardoi से गुरसहायगंज के बीच करीब 59.30 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए भी फाइनल सर्वे को हरी झंडी मिल गई है।

कन्नौज और फर्रुखाबाद को मिलेगा फायदा

Gursahaiganj स्टेशन कन्नौज और फर्रुखाबाद के बीच एक अहम स्टेशन है। यहां से कानपुर के लिए ट्रेनें चलती हैं। नई लाइन बनने के बाद बरेली से शाहजहांपुर और हरदोई के रास्ते लोग आसानी से कन्नौज और कानपुर पहुंच सकेंगे।

नैमिषारण्य से भी जुड़ेगा नेटवर्क

इसके अलावा Naimisharanya से फर्रुखाबाद तक हरदोई के रास्ते करीब 112 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉड गेज लाइन के सर्वे को भी मंजूरी मिली है। इस लाइन के बनने से लोग फर्रुखाबाद होते हुए कासगंज और मथुरा तक भी आसानी से सफर कर सकेंगे।

भविष्य में बेहतर होगी यात्रा

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बीच रेल यात्रा काफी आसान हो जाएगी। यात्रियों को कम समय में, कम खर्च में और ज्यादा आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा। इससे न केवल लोगों को सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

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