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Bareilly में बवाल! तौकीर रजा का दामाद गिरफ्तार, रिजॉर्ट सील – बुलडोजर ने मचाया कहर

Bareilly

Bareilly violence: बरेली में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। आई लव मुहम्मद विवाद में गिरफ्तार हो चुके आईएमसी नेता मौलाना तौकीर रजा के दामाद मोहसिन रजा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मोहसिन रजा के रिजॉर्ट और मैरिज लॉन को सील कर दिया गया है, वहीं उनके घर पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की गई। उन पर अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन संचालित करने का आरोप है। अब तक इस हिंसा प्रकरण में 62 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है और पुलिस प्रशासन लगातार कार्रवाई को अंजाम दे रहा है।

हिंसा के मास्टरमाइंड पर शिकंजा

बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद आई लव मुहम्मद विवाद के चलते उपद्रव भड़क उठा था। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया। भीड़ ने जगह-जगह पथराव और गोलीबारी की, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस जांच में मौलाना तौकीर रजा, उनके करीबी डॉ. नफीस और नदीम को मास्टरमाइंड बताया गया है। तौकीर रजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और अब उनके दामाद मोहसिन रजा भी पुलिस की गिरफ्त में हैं।

रिजॉर्ट और अवैध चार्जिंग स्टेशन पर कार्रवाई

पुलिस व प्रशासन ने मोहसिन रजा के मैरिज लॉन को सील कर दिया। साथ ही, बरेली नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर उनके घर पहुंची और अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन को ध्वस्त किया। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। कार्रवाई के दौरान मोहसिन रजा ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

लगातार जारी है प्रशासनिक एक्शन

Bareilly हिंसा मामले में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने 10 मुकदमे दर्ज किए और 29 उपद्रवियों को जेल भेजा है। तौकीर रजा के करीबियों की 150 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है और बेनामी संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। वहीं, डॉ. नफीस की तीन दर्जन से अधिक दुकानों को सील किया जा चुका है।

साजिश का खुलासा और राजनीतिक सरगर्मी

Bareilly पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हिंसा से पहले आईएमसी का व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय रहा और नदीम ने 55 लोगों से संपर्क कर करीब 1600 लोगों को जुटाया। यही भीड़ खलील स्कूल तिराहे और पिर श्यामगंज इलाके में बवाल करने पहुंची। उधर, समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी डीआईजी से मिला और मांग की कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई न की जाए। प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के आधार पर ही गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

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