Suresh Pasi Viral Video: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेश पासी के एक ताजा बयान ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। एक वायरल वीडियो में जगदीशपुर के विधायक यह कहते सुने गए कि उन्हें मुस्लिम समाज के वोटों की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि वह न तो कभी मुस्लिम समाज के लोगों के घर जाते हैं और न ही भविष्य में जाएंगे। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि वे मस्जिदों में नहीं जाते और न ही इस समुदाय के सुख-दुख या किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होते हैं। यह बयान उस समय आया जब वे एक पुल के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस टिप्पणी के बाद विपक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
ब्रेकिंग न्यूज़ #अमेठी:
विधायक सुरेश पासी का बड़ा बयान – मुस्लिम वोटरों की नहीं है जरूरत,हम मस्जिद पर कभी नहीं जाते हैं,ना कभी मस्जिद गए हैं न जाएंगे,‘मुस्लिम के घर वोट मांगने भी नहीं जाते’ उनके जीने मरने पर भी नहीं जाते,मुसलमान के वोट की मुझे जरूरत नही'.@SureshPasiBJP pic.twitter.com/uw5cWj8zkZ— Journalist Shivanshu Mishra (@Shivans57826884) January 8, 2026
पूरा घटनाक्रम: क्या बोले विधायक सुरेश पासी?
अमेठी की जगदीशपुर विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए Suresh Pasi 7 जनवरी 2026 को अपने क्षेत्र में एक पुल का लोकार्पण करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने जब मुस्लिम मतदाताओं को लेकर उनसे सवाल पूछा, तो उन्होंने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। पासी ने कैमरे के सामने कहा, “मुझे मुस्लिम वोट नहीं चाहिए। मैं न तो उनके घर वोट मांगने जाता हूं और न जाऊंगा।”
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि वे मस्जिदों में भी कदम नहीं रखते और समुदाय के किसी भी जीने-मरने या व्यक्तिगत आयोजनों से दूरी बनाकर रखते हैं। यह 20 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने प्रदेश की सियासत में ‘ध्रुवीकरण’ की नई बहस छेड़ दी है।
भाजपा ने झाड़ा पल्ला, विपक्ष ने घेरा
विधायक Suresh Pasi के इस रुख पर भाजपा बैकफुट पर नजर आ रही है। भाजपा के जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विधायक की “निजी राय” हो सकती है, पार्टी की विचारधारा नहीं। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलती है।
दूसरी ओर, विपक्ष ने इस बयान को नफरत फैलाने वाला बताया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने इसे राजनीतिक नाटक करार देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा नेता भाई को भाई से लड़ाने का काम शुरू कर देते हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इसकी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा वोटों के लिए समाज का बंटवारा करना चाहती है।
विवाद का नया मोड़
सोशल मीडिया पर जहां एक तरफ इस बयान की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी समर्थक Suresh Pasi की कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं। इन तस्वीरों में विधायक कथित तौर पर मजारों पर चादर चढ़ाते और मुस्लिम समाज के लोगों के साथ कार्यक्रमों में शामिल होते दिख रहे हैं। विपक्षी नेताओं का दावा है कि विधायक का यह नया बयान केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश है।



