Brij Bhushan Sharan Singh Emotional Moment: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह आमतौर पर अपने सख्त तेवर, दबंग छवि और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। राजनीति हो या सार्वजनिक मंच, वह अक्सर पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आते हैं। लेकिन इस बार वह किसी बयान या विवाद की वजह से नहीं, बल्कि अपनी भावुकता के कारण चर्चा में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मंच पर बैठे हुए भावुक नजर आ रहे हैं और उनकी आंखों से आंसू छलकते दिखाई दे रहे हैं।
कहां और क्यों भावुक हुए बृजभूषण शरण सिंह
यह मामला उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नवाबगंज स्थित नंदिनी निकेतन का है। यहां ‘राष्ट्रकथा’ नाम से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कथा में सद्गुरु रितेश्वर महाराज कथा वाचन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के चर्चित नारे, “दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा” का जिक्र किया।
सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कहा कि अवध क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में बृजभूषण शरण सिंह का प्रभाव और पहचान बनी रहेगी। उन्होंने इस बात को गौ सेवा, राष्ट्र सेवा और समाज के लिए किए गए कार्यों से जोड़कर समझाया। यह बातें सुनते ही बृजभूषण शरण सिंह खुद को रोक नहीं पाए और मंच पर ही भावुक हो गए।
कथा में रामायण और कालिदास का संदर्भ
कथा के दौरान सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने रामायण और महाकवि कालिदास की रचनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज में वही लोग याद किए जाते हैं, जो अपने कर्मों से पहचान बनाते हैं। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के सामाजिक कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाले समय में भी लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
इन बातों का असर बृजभूषण शरण सिंह पर साफ दिखाई दिया। मंच पर बैठे-बैठे उनकी आंखें भर आईं और वह काफी देर तक भावुक रहे।
‘दबदबा’ शब्द के पीछे की कहानी
बृजभूषण शरण सिंह ने खुद इस चर्चित नारे के पीछे की कहानी भी साझा की है। उन्होंने बताया कि कुश्ती संघ के चुनाव के दौरान हालात उनके पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद उनके समर्थित प्रत्याशी ने भारी मतों से जीत हासिल की। उसी समय किसी समर्थक ने नारा दिया था, “दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा।” इसके बाद यह नारा मीडिया और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गया और उनकी पहचान का हिस्सा बन गया।
सद्गुरु रितेश्वर महाराज से खास जुड़ाव
बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी बताया कि वह सद्गुरु रितेश्वर महाराज को देश का सबसे बड़ा मोटिवेटर मानते हैं। उनके विचारों और बातों से प्रेरित होकर ही उन्होंने नंदिनी नगर में युवाओं के लिए इस विशेष कथा का आयोजन कराया।
इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश “छात्र उत्थान ही राष्ट्र उत्थान” है। कथा के जरिए युवाओं को सनातन संस्कृति, राष्ट्र सेवा और अपने कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। यही वजह है कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।










