BSP Supremo की दो टूक नसीहत : पार्टी छोड़ने वालों को बताया गलती का एहसास होता है, विरोधी पार्टियों पर दोहरे मापदंड का आरोप

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया पर पार्टी नेताओं को सख्त नसीहत दी है। उन्होंने कांग्रेस, बीजेपी और सपा के बहकावे से बचने की सलाह देते हुए पार्टी छोड़ने वालों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

Mayawati

BSP Supremo: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दूसरी पार्टियों में जाते हैं, उन्हें जल्द ही अपनी गलती का अहसास होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस, बीजेपी और सपा के बहकावे में न आने की नसीहत दी। साथ ही विरोधी पार्टियों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया, कि वे अपने नेताओं के आने-जाने को सामान्य मानते हैं, लेकिन बीएसपी के मामले में सवाल खड़े करते हैं।

पार्टी छोड़ने वालों पर जताई नाराज़गी

BSP Supremo मायावती ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी का आना-जाना निजी कारणों से नहीं बल्कि पार्टी और मूवमेंट के हित को ध्यान में रखकर होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरोधी पार्टियों के बहकावे में आकर अपनी ही पार्टी को कमजोर करते हैं या फिर अनुशासनहीनता और अपरिपक्व कार्यशैली अपनाते हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरी में पार्टी से निकाला जाता है।

उन्होंने लिखा कि जब ऐसे लोगों को बाद में अपनी गलती का एहसास होता है और वे दोबारा पार्टी में शामिल होते हैं, तो विरोधी पार्टियां इसे “आया राम, गया राम” की संज्ञा देकर बसपा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती हैं।

दोहरे मापदंड का लगाया आरोप

BSP Supremo मायावती ने विरोधी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनके नेता दूसरी पार्टियों में आते-जाते हैं, तब वे इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया कहते हैं। लेकिन बीएसपी के मामलों में वही लोग तरह-तरह की टिप्पणियां करके माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे “दोहरा मापदंड” बताया और कहा कि बसपा कार्यकर्ताओं को इस तरह के षड्यंत्रों से सतर्क रहना चाहिए।

भीमराव अंबेडकर के मिशन की याद

अपनी पोस्ट में मायावती ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के मिशन का हवाला देते हुए कहा कि बसपा उनके आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को सत्ता की मंज़िल तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए पार्टी में अनुशासन, निष्ठा और समझदारी जरूरी है।

अंत में, मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और पूरी ईमानदारी से पार्टी और मूवमेंट के हित में काम करें।

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