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Bulandshahr Gangrape Case: मां-बेटी से दरिंदगी करने वाले पांचों आरोपियों को उम्रकैद, देश को मिला न्याय का संदेश

Bulandshahr gangrape case life term

Bulandshahr Gangrape Case:बुलंदशहर हाईवे पर मां और नाबालिग बेटी के साथ हुए जघन्य गैंगरेप मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर 1.81-1.81 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सोमवार को सजा सुनाए जाने के बाद पीड़ित परिवार समेत पूरे समाज ने राहत की सांस ली।

हालांकि, इस मामले में एक दोषी का बेशर्म रवैया लोगों को और आहत कर गया। दो दिन पहले दोषी ठहराए जाने के बाद जेल लौटते समय वह मीडिया के सामने मुस्कुराता नजर आया और अभद्र टिप्पणी करता दिखा। हैरानी की बात यह रही कि सजा के दिन भी उसके चेहरे पर किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा।

देशभर में गूंजा था यह मामला

मां-बेटी के साथ हुई यह दरिंदगी सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी। सड़क से लेकर संसद तक इस मामले की गूंज सुनाई दी थी। हर वर्ग ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया था।

शनिवार को जब विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया, तब लोगों को उम्मीद जगी कि अब न्याय मिलेगा। सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद यह उम्मीद पूरी होती नजर आई।

कैसे हुई सुनवाई और जांच

इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 25 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। विशेष लोक अभियोजक वरुण कौशिक के अनुसार, अदालत में 169 अहम दस्तावेज पेश किए गए। 27 जुलाई 2018 को सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई हर 14 दिन में नियमित रूप से होती रही, जिससे मामला तेजी से आगे बढ़ा।

क्या हुआ था उस रात?

29 जुलाई 2016 की रात नेशनल हाईवे-91 पर बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र में यह खौफनाक घटना हुई थी। नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा एक परिवार दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास रुका, जब उनकी कार पर लोहे जैसी किसी चीज से हमला किया गया। कार रुकते ही आरोपियों ने परिवार के तीन पुरुषों को बांध दिया और 14 साल की बच्ची तथा उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

शुरुआत में पुलिस ने 11 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच के दौरान दो आरोपी मुठभेड़ में मारे गए, जबकि तीन के नाम सबूत न मिलने पर हटा दिए गए। सीबीआई ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है।

किन दोषियों को मिली सजा

कोर्ट ने पांचों दोषियों, जुबेर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, साजिद, धर्मवीर उर्फ राका उर्फ जितेंद्र, सुनील उर्फ सागर और नरेश उर्फ संदीप उर्फ राहुल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला समाज को साफ संदेश देता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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