Site icon News1India

Chhath Puja Gorakhpur: मिट्टी के चूल्हे की रोटी और गुड़ की खीर, खरना के बाद कठिन व्रत शुरु

Gorakhpur

Chhath Puja Gorakhpur: सूयोपासना के महापर्व छठ पूजा का आज यानी कि बुधवार को दूसरा दिन है। सोमवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुए इस महापर्व में आज खरना से व्रती महिलाओं ने निर्जल उपवास शुरू किया। शाम को स्वच्छ स्थान पर चूल्हे को स्थापित कर अक्षत, धूप, दीप और सिंदूर से पूजा करेंगी। आटे से रोटी और साठी के चावल से खीर बनाएंगी। इसके बाद खरना किया जाएगा। यही रोटी और खीर खाने के बाद छठ व्रत शुरू हो जाएगा, जो शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न होगा। गुरुवार को अस्ताचलगामी और शुक्रवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।

बाजारों छाई रौनक, खूब हुई खरीददारी

इस बीच छठ पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए मंगलवार को पूरे दिन बाजार में चहल-पहल रही। प्रमुख बाजार छठ के सामानों से पटे रहे। मंगलवार को व्रती माताओं ने सुबह जलाशयों और घरों में स्नान के बाद शाम को कद्दू-चावल पकाकर खाया। नहाय-खाय के दौरान कई घरों में छठ गीत गाए गए।

घाटों पर NDRF, SDRF और PAC के गोताखोर तैनात

गोरखपुर में 391 स्थानों छठ पूजा होगी। इसे लेकर सुरक्षा के साथ अन्य सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सभी प्रमुख घाट पर NDRF, SDRF और PAC के गोताखोर की ड्यूटी लगाई गई है। स्थानीय पुलिस नाव से गश्त करेगी। राप्ती नदी के राजघाट के साथ ही गोरखनाथ मंदिर स्थित भीमसरोवर, मानसरोवर, सूर्यकुंड, बड़हलगंज के मुक्तिपथ और गोलाघाट समेत कई स्थानों पर सीसी कैमरे लगाने के साथ ही ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

छठ घाटों के पास Gorakhpur पुलिस का स्पेशल पिकेट

पूजा स्थलों पर Gorakhpur पुलिस पिकेट लगाई गई है, जहां पर 24 घंटे पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। घाट पर प्रकाश के साथ ही नाव, नाविक व गोताखोर की ड्यूटी लगाई गई है। SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया, “दो दिन से फलमंडी में खरीदारों की भीड़ जुट रही है। इसको देखते हुए स्थानीय पुलिस के अलावा QRT भी लगा दी गई है।”

यहां पढ़ें: US Elections: कमला हैरिस का खेल खत्म, अमेरिका के अगले राष्ट्रपति होंगे डोनाल्ड ट्रंप, जीत के जश्न में डूबे एलोन मस्क

पूजा की बेदियां बनकर तैयार

उधर, छठ घाटों पर पूरे दिन चहल पहल रही। श्रद्धालुओं के साथ नगर निगम की टीम और स्वयं सेवक घाटों की व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे रहे। महानगर के सूर्यकुंड धाम, गोरखनाथ, महेसरा घाट, राजघाट, रामघाट, रामगढ़ताल आदि स्थानों में बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा की वेदी बनाते नजर आए।

अस्थायी घाट भी बनकर तैयार

Gorakhpur शहर के विष्णु मंदिर, गीता वाटिका, शाहपुर, विष्णुपुरम, बौलिया कॉलोनी, कूड़ाघाट, सूबा बाजार, बशारतपुर, रुस्तमपुर, राप्तीनगर, शास्त्रीनगर, शास्त्रीपुरम, जाफरा बाजार, भेड़ियागढ़, सहारा इस्टेट, सिविल लाइंस, पादरी बाजार, असुरन चौक आदि इलाकों में लोगों ने घरों के आगे अस्थायी घाट बनाकर तैयार किए हैं। कुछ लोगों ने घर के पास छोटा गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर लिया है।

कोसी भरने की भी तैयारी

घर में किसी मांगलिक आयोजन या किसी मन्नत के पूरा होने के बाद छठ पर कोसी भरी जाती है। महानगर के विभिन्न मोहल्लों के घरों में कोसी भरने की तैयारी है। इसके लिए कोसी भरने में उपयोग में लाया जाने वाला मिट्टी का हाथी, कलश, दीये, गन्ना, फल आदि सामान जुटाने में लोग लगे रहे।

SSP-DM ने जांची तैयारियां

छठ पर्व के मद्देनजर Gorakhpur शहर से लेकर देहात तक घाटों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। SSP डॉ. गौरव ग्रोवर और DM कृष्णा करुणेश ने घाटों का निरीक्षण कर तैयारियां जांची। छठ पर्व के लिए राप्ती नदी के महायोगी गुरु गोरक्षनाथघाट, श्रीराम घाट, राजघाट पर नगर निगम ने सिल्ट हटाने के साथ सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग और लाइटिंग आदि की व्यवस्था की गई है।

छठ महापर्व का दिनवार कार्यक्रम

* पहला दिन (नहाय-खाय): 5 नवंबर – व्रती महिलाएं स्नान के बाद कद्दू-भात का भोजन करेंगी और संकल्प लेंगी।

* दूसरा दिन (खरना): 6 नवंबर – इस दिन महिलाएं शाम को प्रसाद ग्रहण करेंगी, पूरे दिन का उपवास होगा।

* तीसरा दिन (संध्या अर्घ्य): 7 नवंबर – व्रती महिलाएं निर्जल व्रत रखकर शाम 5:29 बजे अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी।

* चौथा दिन (उगते सूर्य को अर्घ्य): 8 नवंबर – सुबह 6:32 बजे उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ महापर्व का समापन होगा।

Exit mobile version