Civil Engineer Found Dead in Hotel: शाहजहांपुर मे ऋषिकेश के गंगानगर निवासी सिविल इंजीनियर गौरव सक्सेना का शहर के सदर क्षेत्र में स्थित एक होटल से मौत की खबर सामने आई, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर एएसपी सिटी मौके पर पहुंचे और होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि व्यक्ति की मौत किसी बीमारी के कारण हुई है। मृतक की ससुराल भी सदर क्षेत्र में ही बताई जा रही है।
मृतक का नाम गौरव था। वह एक फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे सदर के बहादुरगंज इलाके में स्थित स्वागत होटल पहुंचे थे। उन्होंने वहां ठहरने के लिए कमरा मांगा, जिसके बाद होटल स्टाफ ने उन्हें पहली मंजिल पर कमरा नंबर 107 दिया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था।
नाश्ता देने पहुंचे कर्मचारी को मिला शव
मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे होटल का एक कर्मचारी नाश्ते के लिए पूछने गौरव के कमरे पर पहुंचा। उसने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद जब कर्मचारी ने दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया, तो वह खुल गया। अंदर का नजारा देखकर वह घबरा गया। कमरे के फर्श पर गौरव का शव पड़ा हुआ था। उनके पैर कुर्सी पर थे और नाक से खून निकल रहा था।
कर्मचारी ने तुरंत होटल मालिक को इस बारे में बताया। इसके बाद सदर पुलिस को सूचना दी गई। एएसपी सिटी देवेंद्र कुमार फोरेंसिक टीम और सदर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और कमरे की जांच की।
कमरे से मिली शराब और दवाएं
जांच के दौरान कमरे में एक भरी हुई शराब की बोतल और दो खाली पौव्वे मिले। इसके साथ ही काफी मात्रा में दवाएं भी कमरे में पाई गईं। पुलिस ने दवाओं समेत कमरे में मौजूद कई चीजों को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
गौरव ऋषिकेश में एक कंपनी में सिविल इंजीनियर थे, लेकिन फिलहाल वह नौकरी नहीं कर रहे थे। बताया गया कि वह शराब पीने के आदी थे। उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है। गौरव मूल रूप से बरेली के पुराना किला क्षेत्र के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से अपने परिवार के साथ ऋषिकेश में रह रहे थे।
दोस्त से मंगवाई थी दवा
सोमवार को गौरव ने अपने दोस्त शंकर लाल को फोन किया था, जो जलालनगर में शिक्षक हैं। उन्होंने हाथ में हल्की चोट लगने की बात कहकर उनसे दवा मंगवाई थी। शंकर लाल शाम को दवा देने आए थे और थोड़ी देर रुककर चले गए। इसके बाद गौरव होटल में ही देखे गए थे।
बेटे का भावुक संदेश
गौरव शाहजहांपुर आने के बावजूद पास ही स्थित अपनी ससुराल नहीं गए थे और न ही परिवार से संपर्क किया था। मंगलवार सुबह उनके बेटे गरविश ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक भावुक संदेश भेजा था, जिसमें लिखा था, “पापा प्लीज कॉल उठा लो।” इससे पहले गौरव ने भी एक संदेश लिखा था कि “हम शांति चाहते हैं।” इस संदेश का मतलब क्या था, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
होटल मालिक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि पहचान पत्र देखकर ही कमरा दिया गया था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
