CM Yogi SIR Form: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) फॉर्म भरकर चुनावी प्रक्रिया में अपनी गहन आस्था और जिम्मेदारी का प्रदर्शन किया है। इस कार्रवाई ने विपक्ष के सामने भी मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और स्पष्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री ने एक सजग और जागरूक मतदाता के रूप में अपना दायित्व निभाते हुए मंगलवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में यह फॉर्म भरा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य त्रुटि रहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है।
CM Yogi आदित्यनाथ गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं। वे झूलेलाल मंदिर के पास स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के बूथ संख्या 223 के मतदाता हैं। मंगलवार सुबह, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री को SIR प्रक्रिया का फॉर्म उपलब्ध कराया, जिसे भरकर उन्होंने तत्काल बीएलओ को वापस कर दिया।
इस पहल से CM Yogi ने आम जनता को एक मजबूत संदेश दिया है कि हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह मतदाता सूची के शुद्धिकरण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करे। यह न केवल उनकी पहचान को और पुख्ता करता है, बल्कि स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करता है। मुख्यमंत्री के इस कदम को चुनावी तैयारियों के संदर्भ में विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि यह विपक्ष द्वारा अक्सर उठाए जाने वाले चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के सवालों का भी जवाब देता है।
गोरखपुर दौरे पर व्यस्त रहे सीएम
फॉर्म जमा करने के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, स्थानीय पार्षद एवं नगर निगम बोर्ड के उपसभापति पवन त्रिपाठी और जीडीए बोर्ड के सदस्य दुर्गेश बजाज आदि भी उपस्थित रहे।
SIR फॉर्म भरने के अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर दौरे के दौरान अन्य गतिविधियों में भी व्यस्त रहे। उन्होंने सुबह गोरखनाथ मंदिर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गायों को अपने हाथों से चारा खिलाया और मोरों को दाना खिलाते हुए भी नजर आए, जो उनकी पशु-प्रेम और आध्यात्मिक दिनचर्या का हिस्सा है। भ्रमण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इसके तुरंत बाद, वे जनता दर्शन में पहुंचे, जहां उन्होंने दूर-दराज से आए फरियादियों की शिकायतों को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द और पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।
CM Yogi का SIR फॉर्म भरना और उसके बाद जनता से सीधे जुड़ना, दोनों ही गतिविधियाँ उनकी प्रशासनिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जहाँ वे संवैधानिक प्रक्रियाओं के पालन और जन-कल्याण दोनों को समान महत्व देते हैं।










