CM Yogi Announcement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर आयोजित श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष समारोह में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भदोही जिले को एक बार फिर संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समरसता संकल्प अभियान का भी शुभारंभ किया।
संत रविदास की विरासत को सम्मान देने की बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, संत रविदास ने समाज को जोड़ने का कार्य किया और आज भी उनके विचार समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास करते हैं, जबकि संत रविदास ने समाज को एकजुट करने का संदेश दिया था। योगी ने समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया था।
डिप्टी CM ने पहले ही दिया था संकेत
इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंच से कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया था। उन्होंने भरोसा जताया था कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा। मुख्यमंत्री के ऐलान के साथ यह मांग पूरी होती दिखाई दी।
कार्यक्रम में जुटी बड़ी संख्या में श्रद्धालु
वाराणसी में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सरकार ने इसे सामाजिक समरसता और संत परंपरा के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
