CM Yogi Meet PM Modi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार सुबह अचानक दिल्ली पहुंचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 45 मिनट चली इस बैठक को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे यूपी मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बड़े फेरबदल की पूर्वपीठिका के रूप में देखा जा रहा है। CM Yogi भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे।
सियासी हलचल: क्यों अहम है यह मुलाकात?
CM Yogi आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलावों की चर्चा जोरों पर है। विशेष बात यह है कि यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भी इस समय दिल्ली में ही मौजूद हैं। सोमवार सुबह ब्रजेश पाठक ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की, जिससे इन कयासों को और बल मिला है कि दिल्ली में यूपी कैबिनेट के नए स्वरूप पर अंतिम मुहर लग सकती है।

कैबिनेट विस्तार और मिशन 2027
सूत्रों के अनुसार, यूपी कैबिनेट में वर्तमान में कई पद रिक्त हैं। अधिकतम 60 मंत्रियों की सीमा के मुकाबले फिलहाल संख्या कम है, जिससे नए चेहरों को शामिल करने की पूरी संभावना है। चर्चा है कि:
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन: 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
पुराने चेहरों की वापसी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
विभागों में फेरबदल: कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों को बदला जा सकता है ताकि प्रशासनिक कसावट लाई जा सके।
संगठनात्मक बदलाव के संकेत
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ होने वाली बैठक को यूपी भाजपा संगठन में संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद, अब नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की तैयारी है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति (खरमास समाप्ति) के बाद किसी भी समय इन बदलावों की औपचारिक घोषणा हो सकती है।
आधिकारिक तौर पर भले ही इसे नए साल की शिष्टाचार भेंट कहा जाए, लेकिन बैठकों का समय और नेताओं की मौजूदगी साफ संकेत दे रही है कि बीजेपी नेतृत्व “मिशन 2027” के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी बिसात बिछाने में जुट गया है।



