CM Yogi G RAM G Bill Press Conference: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित भारत – जी राम जी’ (VB-G RAM G) विधेयक को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है। 6 जनवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह बिल न केवल पुरानी मनरेगा योजना की कमियों को दूर करेगा, बल्कि किसानों और गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘मील का पत्थर’ साबित होगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि 125 दिनों की रोजगार गारंटी और स्थाई संपत्ति निर्माण के माध्यम से यह ग्रामीण भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के रास्ते बंद होने से डरे हुए लोग ही इस ऐतिहासिक सुधार का विरोध कर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें और सीएम योगी के तर्क
CM Yogi आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस नए कानून के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. रोजगार गारंटी में ऐतिहासिक वृद्धि
सीएम योगी ने कहा कि पिछली योजनाओं में रोजगार की सीमा सीमित थी, लेकिन VB-G RAM G बिल के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। यह वृद्धि ग्रामीण आय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए की गई है।
2. ‘हाजिरी’ नहीं, अब ‘काम’ बोलता है
मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अब सिर्फ हाजिरी लगाकर पैसा लेने का खेल खत्म होगा।” नए बिल के तहत:
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स्थाई संपत्ति का निर्माण: अब केवल मिट्टी ढोने जैसे अस्थाई काम नहीं होंगे, बल्कि चेकडैम, सड़क और जल संरक्षण जैसे ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए जाएंगे।
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पारदर्शिता: श्रमिकों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में जाएगा, जिससे बीच में पैसा खाने वाले ‘बिचौलियों’ का अंत होगा।
3. किसानों और खेती को सहारा
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यह बिल किसानों के लिए वरदान साबित होगा। खेती के सीजन में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए बिल में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे ग्रामीण मजदूर अपने ही गांव में काम पाएंगे और शहरों की ओर पलायन कम होगा।
4. मनरेगा की विफलताओं पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
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भ्रष्टाचार का अड्डा: सीएम के अनुसार, मनरेगा भ्रष्टाचार और घोटालों का केंद्र बन गई थी। सपा के कार्यकाल में यूपी में हुए मनरेगा घोटालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संसाधनों पर ‘डकैती’ डालने वालों की अब पोल खुल रही है।
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विलंबित भुगतान: पहले श्रमिकों को महीनों तक मजदूरी नहीं मिलती थी, लेकिन ‘जी राम जी’ बिल में साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में भुगतान अनिवार्य किया गया है।
5. विकसित भारत 2047 का विजन
CM Yogi ने इस बिल को प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ा। उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना देश का विकास संभव नहीं है और यह बिल उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है।
विपक्ष के विरोध पर पलटवार
विपक्ष द्वारा नाम बदलने और मनरेगा को कमजोर करने के आरोपों पर CM Yogi ने कहा कि “इंडिया गठबंधन” विकास विरोधी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक गरीबों के हक पर डाका डाला, उन्हें पारदर्शी व्यवस्था से डर लग रहा है।
