लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। टीम इंडिया के गेज गेंदबाज व अमरोहा एक्सप्रेस के नाम से प्रसिद्ध मोहम्मद शमी हरहाल करोड़ों रुपए कमाते हैं। ऑलीशान बंग्ले में रहते हैं और गांव में खुद की प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम भी बनवाया हुआ है। लेकिन उनकी बहन और बहनाई सरकारी कागज में बहुत गरीब निकले। आरोप है कि शमी के बहनाई ने अपने पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम मरनेगा का कार्ड बनवाया, फावड़ा चलाया और 4.55 लाख रूपए की मजदूरी भी ले ली। मामला डीएम के पास पहुंचा तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। मनरेगा में गड़बड़ी की जांच में मोहम्मद शमी की बहन-बहनोई समेत परिवार के आठ लोगों के नाम सामने आए हैं।
क्या है पूरा मामला
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना की शादी अमरोहा के जोया ब्लॉक के गांव पलौला निवासी मोहम्मद गजनबी के साथ हुई है। शमी के बहनोई की मां गुले आयशा गांव की सरपंच हैं। आरोप है कि शबीना और उनके पति गजनवी ने गांव में मनरेगा मजदूर का पंजीकरण करा रखा था। इतना ही नहीं, शबीना के पति गजनबी और एमबीबीएस व एलएलबी कर रहे उनके दो देवरों का भी मनरेगा मजदूर के रूप में जॉब कार्ड बना है। चारों के खातों में मनरेगा की करीब 2.66 लाख रुपये मजदूरी भेजी गई है। इनके अलावा परिवार के चार अन्य सदस्यों के खातों में भी मनरेगा का पैसा भेजा गया। कुल आठ लोगों ने 455973 रुपये मनरेगा से लिए।
ऐसे खुला मामला
दरअसल, मोहम्मद शमी की बहन की सास ग्राम प्रधान हैं। गरीब ग्रामीणों ने मनरेगा में जॉब कार्ड बनाए जाने की मांग ग्राम प्रधान से की। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। तभी कुछ ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई कि ग्राम प्रधान के परिवार के लोगों के नाम मनरेगा के कार्ड बने हैं। मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन में खलबली मची और आनन फानन मामले की जांच शुरू हो गई। प्रदेश और केंद्र सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। खुद डीएम ने मामले की जांच की। सीडीओ भी गांव पहुंचे और फाइलें खोली। तब जाकर पूरे भ्रष्टाचार से पर्दा उठा। जांच में पाया गया कि ग्राम प्रधान ने सचिव की मदद से फर्जी जॉब कार्ड बनवाए और परिवार के सदस्यों के कार्यो को कागज पर चढ़ाकर रकम भी हासिल कर ली।
अमरेंद्र प्रताप सिंह मामले की जांच कर रहे
अभी तक कि जांच में सामने आया है कि शबीना ने 71013, उनके पति गजनबी ने 66561, देवर शेखू ने 55312, नसरुद्दीन ने 71704, आमिर सुहेल ने 63851, ननद नेहा ने 55867, सरिया ने 54645 व सबा रानी ने 17020 रुपये की मनरेगा मजदूरी चार वर्षों में हासिल की है। इतना ही नहीं जांच के दौरान सभी सदस्यों के काम करते हुए कोई फोटो भी नहीं मिले हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच टीम ने सभी पत्रावली अपने कब्जे में ले ली है। सभी के जॉब कार्ड 2021 में बने थे, जो अगस्त 2024 तक एक्टिव रहे। डीएम के आदेश पर परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारी तीन साल का रिकार्ड खंगालने में जुटे हैं।
ग्राम प्रधान के अधिकार भी सीज हो सकते
भले ही अधिकारी क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना -बहनोई मोहम्मद गजनबी समेत परिवार के आठ लोगों को मनरेगा मजदूरी का फर्जी तरीके से भुगतान से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं, लेकिन यह तो साफ है कि फर्जी तरीके से मनरेगा मजदूरी के भुगतान के मामले में ग्राम सचिव, रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान और तकनीकी सहायक जिम्मेदार हैं। इनका फंसना तय है। सब कुछ जानते हुए भी यह ग्राम प्रधान के परिवार के सदस्यों को बिना मजदूरी किए भुगतान करते रहे। इन लोगों से फर्जी तरीके से ली गई मनरेगा मजदूरी की रकम वापस तो होगी, साथ ही ग्राम प्रधान के अधिकार भी सीज हो सकते हैं।
बारीकी से रिकॉर्ड चेक किया जा रहा
मामले पर सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि पलौला गांव में मनरेगा के कार्यों का तीन साल के रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। गांव में मनरेगा जॉब कार्ड बनाना और मजदूरों से काम कराने के लिए रोजगार सेवक, ग्राम सचिव और प्रधान जिम्मेदार होते हैं। मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार ने रिपोर्ट मांगी है। इसलिए, बारीकी से रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। जिन लोगों ने गलत तरीके से मनरेगा मजदूरी ली है, उनसे रिकवरी की जाएगी। जांच पूरी होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जो इसके शामिल रहे हैं। उधर, कार्रवाई के बचने के लिए जिम्मेदार उच्चाधिकारियों और रसूखदार नेताओं की शरण में पहुंचने लगे हैं।
बहन-बहनोई के पास ऑलीशान कोठी
पलौला ग्राम प्रधान गुले आइशा के पास आलीशान कोठी है। प्रधान ने अपने बेटे गजनबी और बहू शबीना को जोया इलाके में एक फ्लैट दिया है। इस फ्लैट की वर्तमान कीमत करीब 20 लाख रुपए है। शबीना के सगे भाई मोहम्मद शमी की कुल संपत्ति 65 करोड़ रुपए है और उनके पास बीएलडल्यू, ऑडी, जगुआर जैसी लग्जरी गाड़ियां हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान ने अपनी बहू-बेटे और रिश्तेदारों समेत तमाम लोगों के मनरेगा कार्ड बनवाए हैं। एक बेटा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसके खाते में पैसा आ रहा है। सैकड़ों खातों में फर्जी तरह से पैसा भेजकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मोहम्मद शमी की बहन-बहनोई के पास करोड़ों की संपत्ति है। लग्जरी कारों में परिवार के लोग चलते हैं।