Deoria Mazar Bulldozer Shalabh Mani Tripathi BJP MLA Death Threat: उत्तर प्रदेश के देवरिया में अवैध मजार पर चले बुलडोजर के बाद सियासत और सुरक्षा का माहौल गरमा गया है। देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई है। एक वायरल वीडियो में एक युवक विधायक की तस्वीर पर क्रॉस का निशान लगाकर उनके ‘सर कलम’ करने की बात कह रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक की सक्रियता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत के बाद प्रशासन ने अब्दुल गनी शाह की मजार को अवैध अतिक्रमण मानकर जमींदोज कर दिया। विधायक ने इस कार्रवाई को न्याय की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया है, जबकि पुलिस अब धमकी देने वाले युवक की तलाश में जुटी है।
A 50-year-old illegal Islamic mazar was demolished using bulldozers in Deoria, Uttar Pradesh.
The mazar had been built by encroaching on crores worth of govt and agricultural land. pic.twitter.com/AeQWlgSudQ
— Ashwini Shrivastava (@AshwiniSahaya) January 12, 2026
धमकी भरा वीडियो और पुलिस की कार्रवाई
Deoria जिले में गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे बनी अब्दुल गनी शाह की मजार पर हुई कार्रवाई से नाराज एक युवक का वीडियो इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की फोटो पर ‘कांटा’ (X) का निशान लगाकर कहता दिख रहा है कि उनकी बातें चुभती हैं और अगर वे सामने आए तो उनका सर कलम कर दिया जाएगा।
अवैध मज़ार के ध्वस्तीकरण के लिए संपूर्ण देवरिया की तरफ़ से माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी का कोटि कोटि अभिनंदन। इस अवैध मजार का विरोध करने के चलते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राम नगीना यादव जी की बेरहमी से हत्या की गई थी, आज उनकी आत्मा को ज़रूर शांति… pic.twitter.com/zO4t3QztTV
— Dr. Shalabh Mani Tripathi (@shalabhmani) January 13, 2026
युवक ने धमकी देते हुए कहा, “अभी समय है सुधर जाओ, नहीं तो मुस्लिम अपने पर आया तो तुम्हें सुधार देगा।” वीडियो में ‘नारा-ए-तकबीर’ के नारे भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात युवक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल वीडियो के स्रोत का पता लगा रही है।
अवैध मजार और बुलडोजर एक्शन का मामला
Deoria विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि यह मजार सरकारी बंजर भूमि, नाले और राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्से पर अवैध रूप से बनाई गई थी। उनकी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे।
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जांच रिपोर्ट: प्रशासन की पैमाइश में मजार का निर्माण अवैध पाया गया।
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अदालती आदेश: एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद 11 जनवरी 2026 को तीन बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मजार को ध्वस्त कर दिया गया।
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इतिहास का संदर्भ: विधायक ने दावा किया कि 28 साल पहले इसी अवैध निर्माण का विरोध करने पर आरएसएस प्रचारक राम नगीना यादव की हत्या कर दी गई थी।
विधायक का रुख और सुरक्षा चिंताएं
Deoria कार्रवाई के बाद विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राम नगीना यादव जी की आत्मा को शांति प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी मांग की कि जितने वर्षों तक वहां अवैध कब्जा रहा, उससे संबंधित लोगों से उसकी वसूली की जाए। धमकी मिलने के बाद समर्थकों ने विधायक की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, हालांकि विधायक ने स्पष्ट किया है कि वे इस तरह की ‘गीदड़ भभकी’ से डरने वाले नहीं हैं।









