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मिलिए ‘शबनम’ से, जिसने ‘मेरा बलमा रंग रंगीला’ के धुन पर डांस कर रूकवा दी ट्रेन, लेडी को ट्रैक से हटाने के लिए बुलवानी पड़ी फोर्स

कानपुर। हाथ में शराब की बोतल और नशे में धुत एक महिला ने रेलवे ट्रैक पर ‘मेरा बलमा रंग रंगीला’ की धुन पर जमकर ठुमके लगाए। कानपुर सेंट्रल की तरफ से आ रही मेमू ट्रेन के लोको पायलट की नजर लेडी पर पड़ी तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रेल को रोक दिया। लोको पायलट ने महिला को हटने को कहा पर वह नहीं मानी और ट्रैक पर लेटकर जोर-जोर से गाना गाने लगी। थक-हार कर लोको पायलट ने जीआरपी-आरपीएफ को बुलाया और नशेबाज महिला को जबरन ट्रैक से हटाया गया।

ट्रेन रोककर कंट्रोलरूम को सुचना दी

रविवार की सुबह लगभग 10 बजे सेंट्रल स्टेशन से मेमू लखनऊ के लिए रवाना हुई। ट्रेन जैसे ही लखनऊ फाटक को क्रास कर मरे कंपनी पुल के पास पहुंच कर धीमी हुई, उसी समय नशे में धुत महिला ट्रैक पर आ गई। ट्रैक पर आते ही नशेबाज लेडी गाना गाने लगी। महिला ट्रैक पर लेट गई और मेरा बलमा रंग रंगीला मैं तो नाचूंगी गाना गुनगुनाने लगी। चालक ने ट्रेन रोककर कंट्रोलरूम को सुचना दी।

हटने के बाद मेमू लखनऊ के लिए रवाना

चालक ने बताया कि महिला हाथ में शराब की बोतल पकड़े हुए गाना गा रही थी। चालक दल ने उसे ट्रैक से हटाने का प्रयास किया, पर लेडी टस से मस नहीं हुई। सेंट्रल स्टेशन से जीआरपी और आरपीएफ का दल मौके पर पहुंचा और बस्ती की अन्य महिलाओं के सहयोग से लेडी को ट्रैक से हटवाया। महिला के ट्रैक से हटने के बाद मेमू लखनऊ के लिए रवाना हुई। बताया जा रहा है कि महिला ट्रैक के किनारे बसी बस्ती में रहती है और उसका नाम शबनम हैं।

रेलवे ट्रैक के किनारे अवैध बस्तियां

कानपुर में रेलवे ट्रैक के किनारे अवैध बस्तियां हैं, जहां दर्जनों परिवार रहते हैं। समय-समय पर पुलिस और जीआरपी इन्हें हटाते भी हैं। बताया जा रहा है कि बस्तियों में ऐसी कई महिलाएं हैं, जो शराब पीकर हुड़दंग मचाती रहती हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि शबनम नाम की महिला अक्सर शराब के नशे में धुत होकर हंगामा करती है। कईबार वह ट्रैक पर बैठकर शराब पीती है। परिवारवाले उसे अक्सर ट्रैक से उठाकर लाते हैं।

रेल रूट पर बने अवैध कब्जों को हटाया

कुछ दिन पहले रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कानपुर रेल रूट पर बने अवैध कब्जों को हटाया था। सेंट्रल स्टेशन के कैंट साइड की ओर अवैध कब्जे ढहाये गए । साथ ही सभी दोबारा अवैध कब्जे न करने अथवा कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी भी दी गई। कार्रवाई के बाद फिर से ट्रैक के किनारे बस्तियों की रौनक वापस आ गई है। बताया जा रहा है कि बस्तियों में रहने वाले लोग दूसरे प्रदेशों के हैं और कानपुर में मजदूरी करते हैं।

करीब 50 अवैध कब्जे हटाए गए

बता दें, साबरमती और कालिंदी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की साजिश का पता चलने के बाद प्रयागराज मंडल के डीआरएम हिमांशु बडोनी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार, आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट विजय कुमार पंडित, जीआरपी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कानपुर रेलवे रूट का विंडो पेट्रोलिंग कर निरीक्षण किया था। इस दौरान एक्शन प्लान बनाकर रेलवे लाइन किनारे के अतिक्रमण को हटाने का फैसला लिया गया था। तब रेल बाजार और फेथफुलगंज बाजार जाने वाली सड़क पर करीब 50 अवैध कब्जे हटाए।

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