Durga Shakti Nagpal DM Kheri Ki Pathshala: यह खबर लखीमपुर खीरी से है, जहाँ जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई ऊंचाई देते हुए ‘DM खीरी की पाठशाला’ नामक एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित न रखकर, उनके घर तक पहुंचाना है। इस पहल के तहत परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की मेधावी छात्राओं को ‘विद्यादायिनी पोटली’ वितरित की गई है, जिसमें व्हाइट बोर्ड-कम-स्टडी टेबल, मार्कर और डस्टर जैसे शैक्षणिक उपकरण शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन बेटियों को घर पर भी पढ़ाई का बेहतर माहौल देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सोमवार को आयोजित एक भव्य समारोह में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रथम चरण के तहत 9000 बेटियों को यह उपहार सौंपे गए।
शिक्षा की नई अलख: घर-घर बनेगी ‘पाठशाला’
लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह पहल प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिलाधिकारी Durga Shakti Nagpal का मानना है कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे बेटियां न केवल अपना भविष्य संवारेंगी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाएंगी।
क्या है ‘विद्यादायिनी पोटली’?
‘विद्यादायिनी पोटली’ इस पूरी योजना का केंद्र है। यह केवल उपहारों का थैला नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता शैक्षिक किट है। इसमें शामिल हैं:
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व्हाइट बोर्ड-कम-स्टडी टेबल: जिसे छात्राएं लिखने और पढ़ने, दोनों के लिए उपयोग कर सकती हैं।
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मार्कर और डस्टर: बोर्ड पर अभ्यास करने के लिए।
डीएम Durga Shakti Nagpal के अनुसार, इन संसाधनों की मदद से बेटियां घर पर अपनी ‘छोटी पाठशाला’ स्थापित कर सकेंगी और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करेंगी।
योजना का पहला चरण और चयन प्रक्रिया
इस अभियान के पहले चरण में कुल 9000 छात्राओं को लाभान्वित किया गया है, जिस पर लगभग 19.80 लाख रुपये की लागत आई है। वितरण के लिए लाभार्थियों का चयन बेहद व्यवस्थित तरीके से किया गया:
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परिषदीय स्कूल: कक्षा 6, 7 और 8 की दो-दो टॉपर बेटियों (कुल 6798) को चुना गया।
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय: यहाँ पढ़ने वाली सभी 2151 छात्राओं को पोटली दी गई।
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वॉल ऑफ ड्रीम्स: अपनी रचनात्मकता दिखाने वाली 51 अन्य छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
‘वॉल ऑफ ड्रीम्स’ और मेगा इवेंट
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, राजापुर में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘वॉल ऑफ ड्रीम्स’ (सपनों की दीवार) मुख्य आकर्षण रही। यहाँ छात्राओं ने पोस्टरों के माध्यम से अपने भविष्य के सपनों को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में सदर विधायक योगेश वर्मा सहित कई स्थानीय विधायकों ने शिरकत की और डीएम की इस दूरदर्शी सोच की सराहना की।
भविष्य का लक्ष्य
जिला प्रशासन का संकल्प है कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से जिले की हर बेटी तक पहुंचाया जाए। यह पहल केंद्र और राज्य सरकार के ‘डबल इंजन’ विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।


