Site icon News1India

Etah मासूम के आंसू, समाज की बेरुखी: ‘पिता को निगला, अब मां भी छीन ली… कोई तो कंधा दे दो!’

Etah news HIV death tragedy

Etah news HIV death tragedy: उत्तर प्रदेश के एटा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक मर्मांतक घटना सामने आई है, जहां एक 10 वर्षीय मासूम सनी के सिर से मां का साया भी उठ गया। सात महीने पहले सनी के पिता की मौत एचआईवी संक्रमण के कारण हुई थी और गुरुवार को इसी बीमारी ने उसकी मां को भी छीन लिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली मां के शव के पास बैठा सनी घंटों अपनों का इंतजार करता रहा, लेकिन संक्रमण के सामाजिक कलंक और डर के कारण एक भी रिश्तेदार अर्थी को कंधा देने नहीं पहुंचा। मासूम के “अब मैं कहां जाऊं, अर्थी कौन उठाएगा” जैसे सवालों ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कंपा दी। अंततः, सामाजिक सरोकार निभाते हुए पुलिस प्रशासन ने ही महिला का अंतिम संस्कार संपन्न कराया।

अपनों की बेरुखी और मासूम का विलाप

जैथरा थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी सनी पिछले एक हफ्ते से मेडिकल कॉलेज में अपनी मां की तीमारदारी कर रहा था। मां की मृत्यु के बाद उसने अपने ननिहाल और अन्य करीबी रिश्तेदारों को सूचना दी, लेकिन एचआईवी के डर से किसी ने भी मदद का हाथ नहीं बढ़ाया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अकेले बैठे मासूम की आंखों से गिरते आंसू समाज की खोखली संवेदनाओं को उजागर कर रहे थे। सनी की 17 साल की एक बड़ी बहन भी है, और अब इन दोनों बच्चों के आगे अंधकारमय भविष्य खड़ा है।

संपत्ति का विवाद और सुरक्षा का डर

दुख की इस घड़ी में सनी ने अपने चाचा पर गंभीर आरोप लगाकर मामले को और पेचीदा बना दिया है। मासूम का कहना है कि उसे और उसकी बहन को जान का खतरा है। उसने आरोप लगाया कि उसके चाचा उनकी पुश्तैनी जमीन हड़पने की नीयत से उन्हें मारना चाहते हैं। इस खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।

प्रशासन की पहल

जब मासूम की चीखें सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से अधिकारियों तक पहुंचीं, तो प्रशासन सक्रिय हुआ।

  • Etah पुलिस की भूमिका: पुलिसकर्मियों ने न केवल सनी को ढांढस बंधाया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कीं।

  • बाल कल्याण विभाग: चाइल्ड हेल्पलाइन और प्रोबेशन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। बच्चों की काउंसलिंग और उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • कानूनी सुरक्षा: पुलिस ने बच्चों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है और जमीन संबंधी विवाद की जांच के आदेश दिए हैं।

यह घटना याद दिलाती है कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के बावजूद, एचआईवी जैसी बीमारियों से जुड़ा सामाजिक बहिष्कार आज भी मासूमों का भविष्य उजाड़ रहा है।

रिश्तों का कत्ल: पति गुजरात में बेलता रहा पापड़, ससुर-साले ने बीवी को राजस्थान में बेचा!

Exit mobile version