इटावा में दर्दनाक हादसा: कूलर के तार में फंसकर मासूम की मौत, घरवालों का रो रो कर हुआ बुरा हाल

इटावा में हेड कांस्टेबल के 10 वर्षीय बेटे की घर में खेलते समय कूलर के तार में गर्दन फंसने से मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया, पोस्टमार्टम से इंकार किया गया।

Etawah child cooler wire death

Etawah child cooler wire death:इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के बगिया अड्डा मोहल्ले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां किराए के मकान में रह रहे एक हेड कांस्टेबल के 10 वर्षीय बेटे की खेलते समय कूलर के तार में गर्दन फंसने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार की स्थिति और घटना का समय

मृतक बालक हर्ष (10) के पिता वीरेंद्र सिंह पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल हैं और वर्तमान में न्यायालय एसीजेएम प्रथम में कोर्ट मुहर्रिर के पद पर तैनात हैं। वह अपने परिवार के साथ बगिया अड्डा मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे।
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वीरेंद्र सिंह ड्यूटी पर चले गए थे। उनके जाने के बाद छोटा बेटा हर्ष घर के कमरे में अकेले खेल रहा था। उसी समय उसकी मां बाथरूम में नहा रही थी, जबकि बड़ा भाई दूसरे कमरे में पढ़ाई कर रहा था।

अचानक हुआ हादसा

खेलते-खेलते अचानक कूलर का तार हर्ष की गर्दन में फंस गया, जिससे उसकी सांस रुक गई। जब मां नहाकर बाहर आई और बेटे को आवाज लगाई, तो कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर जब वह कमरे में पहुंची, तो हर्ष को कूलर के तार में फंसा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

घटना के बाद परिजन तुरंत हर्ष को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर शिवम राजपूत ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार, अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम से किया इंकार

घटना की सूचना सिविल लाइंस पुलिस को दे दी गई है। हालांकि, परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव को अपने पैतृक गांव सिकंदरा, कानपुर देहात ले गए।

पढ़ाई में था होनहार छात्र

हर्ष शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। उसकी अचानक मौत से स्कूल और आसपास के लोगों में भी गहरा दुख देखा जा रहा है।

सुरक्षा की जरूरत पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर घरों में बिजली के उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। थोड़ी सी लापरवाही किस तरह बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है, यह घटना इसका दुखद उदाहरण है।

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