एनसीआर में घर का सपना होगा साकार: जीडीए की ‘हरनंदीपुरम’ योजना ने पकड़ी रफ्तार

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवासीय योजना के लिए 50 हेक्टेयर जमीन का बैनामा पूरा हो चुका है। 501 हेक्टेयर में फैली यह योजना एनसीआर में किफायती और सुनियोजित आवास की तलाश कर रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है।

GDA Harnandipuram scheme

GDA Harnandipuram scheme: दिल्ली-एनसीआर में अपने आशियाने की तलाश कर रहे लोगों के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) एक शानदार अवसर लेकर आ रहा है। प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित हरनंदीपुरम आवासीय योजना अब धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के अनुसार, योजना के लिए निर्धारित कुल 501 हेक्टेयर भूमि में से पहले चरण की 50 हेक्टेयर जमीन का बैनामा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष 115 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी युद्ध स्तर पर जारी है। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य गाजियाबाद को सुनियोजित विकास का एक आधुनिक मॉडल बनाना है। अगले तीन महीनों के भीतर इस योजना का लेआउट तैयार कर लिया जाएगा, जिससे निवेशकों और घर खरीदारों के लिए रास्ते खुलेंगे।

योजना की मुख्य विशेषताएं और वर्तमान स्थिति

GDA इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रहा है ताकि शहरीकरण की बढ़ती जरूरतों को समय रहते पूरा किया जा सके। इस परियोजना से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • कुल क्षेत्रफल: लगभग 501 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण।

  • विकास चरण: परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

  • सर्वे और लेआउट: अगले 3 महीनों में सेटेलाइट और टोपोग्रॉफिकल सर्वे के साथ लेआउट फाइनल होगा।

  • पारदर्शिता: किसानों और भू-स्वामियों की सुविधा के लिए एक समर्पित वेबसाइट शुरू की गई है।

भूमि खरीद का विवरण

विवरण क्षेत्रफल (लगभग) स्थिति
कुल लक्षित भूमि 501 हेक्टेयर प्रक्रियाधीन
पूर्ण बैनामा 50 हेक्टेयर संपन्न
प्रक्रिया में भूमि 115 हेक्टेयर अंतिम चरण

“हमारा लक्ष्य गाजियाबाद को सुनियोजित विकास का मॉडल बनाना है। हरनंदीपुरम योजना न केवल आवासीय जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि यह किफायती और आधुनिक जीवनशैली का संगम होगी।” – नंदकिशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए

यह योजना उन लोगों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी जो दिल्ली के करीब एक व्यवस्थित और सुविधाओं से लैस कॉलोनी में रहना चाहते हैं। भूमि खरीद की दैनिक समीक्षा और किसानों के साथ सीधा संवाद इस योजना की गति को और तेज कर रहा है।

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