Harnandipuram Township: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के समीप प्रस्तावित ‘हरनंदीपुरम टाउनशिप’ अब फाइलों से निकलकर हकीकत बनने की दिशा में बढ़ रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रोजेक्ट के लेआउट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम तेज कर दिया है। इसके लिए नियुक्त सलाहकार एजेंसी आगामी 7 जनवरी 2026 को अधिकारियों के समक्ष पहला तकनीकी प्रेजेंटेशन देगी, जिसमें शुरुआती 100 हेक्टेयर जमीन का नक्शा और विकास का खाका पेश किया जाएगा। करीब 521 हेक्टेयर में फैली इस विशाल योजना का उद्देश्य एनसीआर के लोगों को विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं प्रदान करना है। जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के अनुसार, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ-साथ बुनियादी ढांचे की योजना को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि अगले 3-4 महीनों में योजना को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जा सके।
हरनंदीपुरम टाउनशिप: आधुनिक सुविधाओं का संगम
जीडीए का लक्ष्य Harnandipuram को दिल्ली-एनसीआर की सबसे व्यवस्थित टाउनशिप के रूप में विकसित करना है। यहाँ रहने वालों को वे तमाम सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में बड़े निजी टाउनशिप में देखने को मिलती हैं।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा: टाउनशिप के भीतर बेहद चौड़ी सड़कें और जलभराव रोकने के लिए अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा।
24/7 उपयोगिता सेवाएं: यहाँ के निवासियों को 24 घंटे बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रीन और स्मार्ट सिटी कॉन्सेप्ट: योजना को अलग-अलग पॉकेट्स में बांटकर पार्क, ग्रीन बेल्ट, स्कूल, मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए जगह चिन्हित की गई है।
स्मार्ट सुरक्षा: पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए हाई-टेक सर्विलांस और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा।
बजट और जमीन अधिग्रहण की स्थिति
हरनंदीपुरम योजना कुल 521 हेक्टेयर में विस्तृत है, जिसे चरणों में विकसित किया जाएगा।
प्रथम चरण का बजट: पहले फेज के लिए 1200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें से 400 करोड़ रुपये शासन से प्राप्त हुए हैं और 800 करोड़ रुपये जीडीए स्वयं वहन करेगा।
जमीन की खरीद: यह Harnandipuram योजना 8 गांवों (मथुरापुर, शमशेर, चंपत नगर, भनैड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा) की जमीन पर बसाई जा रही है।
वर्तमान स्थिति: अब तक लगभग 55 हेक्टेयर जमीन का बैनामा हो चुका है, जबकि 115 हेक्टेयर के लिए किसानों ने अपनी लिखित सहमति दे दी है।
निवेश और आवास का बड़ा अवसर
जीडीए का मानना है कि इस Harnandipuram योजना से उन लोगों का सपना पूरा होगा जो एनसीआर में खुद का घर बनाना चाहते हैं। यहाँ न केवल आवासीय भूखंड (Plots) उपलब्ध होंगे, बल्कि भविष्य में ग्रुप हाउसिंग और कमर्शियल गतिविधियों के लिए भी बड़े अवसर खुलेंगे। आगामी 7 जनवरी का प्रेजेंटेशन इस प्रोजेक्ट की दिशा और दशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगा।



