Ghaziabad Online Fraud Case:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाला ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। वेव सिटी इलाके की आदित्य वर्ल्ड सिटी कॉलोनी में रहने वाले एक पति-पत्नी को मीठी बातों और आसान कमाई के लालच में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। यह ठगी टेलीग्राम ऐप के जरिए की गई, जहां पार्ट टाइम काम के नाम पर निवेश कराया गया।
कैसे हुई ठगी क्या है पूरा मामला
पीड़ित दंपति मनोज उपाध्याय और उनकी पत्नी अंजली शर्मा पहले नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते थे। कुछ समय पहले उनकी नौकरी छूट गई थी। इसके बाद दोनों घर बैठे कोई ऑनलाइन पार्ट टाइम काम तलाश रहे थे, ताकि खर्च चलाया जा सके। इसी दौरान उन्हें टेलीग्राम पर एक ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को मीशो ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ा बताया गया।
ग्रुप में बताया गया कि ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर कमीशन दिया जाएगा। शुरुआत में उनसे सिर्फ 100 रुपये लगवाए गए। टास्क पूरा करने के बाद उन्हें 200 रुपये वापस मिले। इसके बाद 500 रुपये लगाने पर 1,000 रुपये दिए गए। छोटे-छोटे मुनाफे देखकर दंपति का भरोसा बढ़ता चला गया और वे लगातार ज्यादा रकम लगाने लगे।
धीरे-धीरे टास्क की संख्या बढ़ती गई और निवेश की रकम भी हजारों से लाखों में पहुंच गई। कुछ समय बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर भुगतान रोक दिया। जब मनोज और अंजली ने टेलीग्राम ग्रुप में मौजूद कस्टमर केयर से संपर्क किया, तो उनसे कहा गया कि 20 टास्क पूरे करने पर सारा पैसा वापस मिल जाएगा।
दंपति ने किसी तरह 17 टास्क पूरे कर लिए, लेकिन इसके बाद अचानक टास्क आना बंद हो गए। न तो कोई जवाब मिला और न ही पैसे लौटाए गए। इस दौरान वे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3 लाख 68 हजार 100 रुपये ट्रांसफर कर चुके थे। बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तब उन्हें ठगी का पूरा अहसास हुआ।
वेव सिटी थाने में शिकायत दर्ज
आखिरकार पीड़ित दंपति ने वेव सिटी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 418(4), जो आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी है, और आईटी एक्ट की धारा 66डी, जो ऑनलाइन ठगी से संबंधित है, के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस की सलाह
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोग आसान कमाई के लालच में जल्दी भरोसा कर लेते हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी ऑनलाइन काम या निवेश से पहले उसकी पूरी जांच करें और अनजान लिंक, ग्रुप या अकाउंट से दूरी बनाए रखें।


