Ghooskhore Pandit Film Controversy:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के तहत समाज में नफरत फैलाने और धार्मिक भावनाएं आहत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के निर्देशक के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
ओटीटी पर चल रहा प्रचार
बताया जा रहा है कि यह फिल्म एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जल्द रिलीज होने वाली है। सोशल मीडिया और ओटीटी पर इसके प्रमोशन के दौरान कुछ कंटेंट सामने आया, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। पुलिस ने इसी पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
आपत्तिजनक नाम और कंटेंट
हजरतगंज थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह के अनुसार, फिल्म का नाम और उसके डायलॉग पहली नजर में आपत्तिजनक पाए गए। एफआईआर में कहा गया है कि फिल्म का शीर्षक एक खास जाति और समुदाय को निशाना बनाकर रखा गया लगता है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हो सकती हैं।
समाज में बढ़ा आक्रोश
फिल्म के नाम और प्रचारित सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज और कई सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है। इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बढ़ गई थी।
पुलिस ने उठाया कदम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि फिल्म के निर्देशक और उनकी टीम पर समाज में वैमनस्य फैलाने और शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश का आरोप है। इसलिए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शांति व्यवस्था का सवाल
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की फिल्में और कंटेंट सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं। किसी भी तरह की सामग्री जो लोगों के बीच नफरत या विवाद पैदा करे, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच जारी, आगे होगी कार्रवाई
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिल्म से जुड़े सभी वीडियो, डायलॉग और प्रचार सामग्री की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


