Fake Kidnap :गोरखपुर के सिकरीगंज में ऑनलाइन गेम की लत ने एक बालक को ऐसी हरकत करने पर मजबूर कर दिया, जिससे पूरा परिवार दहशत में आ गया। घर से निकलने के बाद बालक ने अपने ही अपहरण की कहानी तैयार कर ली। इसके बाद AI की मदद से एक तस्वीर बनाई और उसे पिता के मोबाइल पर भेज दिया। फोटो के साथ एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। संदेश मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई।
CDR से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिकरीगंज पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 219/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(3) में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद बालक के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली गई। साथ ही उसके संभावित रास्तों और स्थानों के CCTV फुटेज की भी जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस टीम लगातार बालक की लोकेशन तलाशती रही।
दो घंटे में बरामद
CDR और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस टीम बालक तक पहुंच गई। करीब दो घंटे के भीतर उसे सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस की तेजी से परिवार को बड़ी राहत मिली। शुरुआती तौर पर जिस मामले को अपहरण और फिरौती से जुड़ा गंभीर अपराध माना जा रहा था, पूछताछ के बाद उसकी पूरी तस्वीर बदल गई। पुलिस ने बालक से विस्तार से पूछताछ की तो उसके पीछे की वजह सामने आ गई।
गेम के लिए रची साजिश
पूछताछ में पता चला कि बालक ऑनलाइन गेम खेलने का आदी है। गेम में पैसे लगाने के लिए उसने खुद के अपहरण की पूरी कहानी बनाई थी। इसके लिए उसने AI की मदद से एक फर्जी तस्वीर तैयार की और पिता को भेजी। तस्वीर के साथ एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई, ताकि रकम मिलने के बाद वह उसे ऑनलाइन गेम में इस्तेमाल कर सके। इस तरह परिवार को डराने से लेकर फिरौती मांगने तक की पूरी साजिश बालक ने खुद रची थी।
अभिभावकों को सलाह
पुलिस ने बालक को बरामद करने के बाद नियमानुसार उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। घटना ने बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और उसके संभावित खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल, ऑनलाइन गतिविधियों और गेमिंग पर नजर रखें। कार्रवाई में थानाध्यक्ष आशीष कुमार दूबे, उपनिरीक्षक रमेश कुमार साहनी, कांस्टेबल बलवीर सिंह, नरेन्द्र यादव और विश्वजीत साहनी शामिल रहे। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी खजनी के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष सिकरीगंज के नेतृत्व में हुई।
