Gorakhpur Thumb Clone Gang: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में अंगूठे का क्लोन बनाकर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गोरखपुर पुलिस ने इस गैंग के पांच सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की है। यह गिरोह 3D प्रिंटर और ट्रेसिंग पेपर का उपयोग कर उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट) का क्लोन तैयार करता था, जिसका इस्तेमाल आधार कार्ड, फर्जी डिग्री और अन्य सरकारी दस्तावेजों में सेंध लगाने के लिए किया जाता था। Gorakhpur गिरोह का मास्टरमाइंड इमरान खान और उसके साथी बेरोजगार युवाओं को असली जैसी दिखने वाली फर्जी डिग्रियां बेचकर मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस की इस कार्रवाई से पूर्वांचल में सक्रिय अन्य जालसाजों में भी हड़कंप मच गया है।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन Gorakhpur के शाहपुर निवासी श्याम बिहारी गुप्ता करता था। फर्जीवाड़े की प्रक्रिया बेहद तकनीकी और शातिर थी:
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3D प्रिंटिंग: महाराजगंज का इमरान खान हुमायूं नगर में किराए के कमरे से 3D प्रिंटर के जरिए ट्रेसिंग पेपर पर अंगूठे का प्रिंट निकालता था।
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पालिमर स्टांप: इस प्रिंट को फ्लैश और पालिमर स्टांप की मदद से ‘अंगूठे के क्लोन’ में बदल दिया जाता था।
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फर्जी यूनिवर्सिटी: गिरोह ने गुलरिहा क्षेत्र में एक कार्यालय खोला था, जहाँ से वे गाजियाबाद और चेरापूंजी (मेघालय) की फर्जी यूनिवर्सिटी के नाम पर डिग्रियां बांटते थे।
कार्रवाई के दायरे में आए अभियुक्त
नाम |
भूमिका |
पता |
इमरान खान |
गैंग लीडर |
निचलौल, महराजगंज (हाल पता: हुमायूपुर, गोरखपुर) |
श्याम बिहारी गुप्ता |
गिरोह संचालक |
बिछिया, थाना शाहपुर, गोरखपुर |
संदीप चौहान |
सक्रिय सदस्य |
गीता वाटिका के निकट, थाना शाहपुर, गोरखपुर |
जयंत प्रताप सिंह |
सदस्य |
चिलुआताल, गोरखपुर |
तबरेज |
सदस्य |
निचलौल, महराजगंज |
नोट: गैंग लीडर इमरान खान पर पहले से ही बिजली चोरी और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि अवैध संपत्ति को कुर्क किया जा सके।
