लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। बेजुबानों को लेकर अक्सर उत्तर प्रदेश का हमीरपुर जिला सुर्खियों में रहता है। कुछ माह पहले यहां कुत्ते-कुतिया की रीति-रिवाज के शादी करवाई गई थी। गांव के लोग बराती-जनाती बने। बैंडबाजा की धुन पर लोग थिरके फिर ऑन-बान और शान के साथ भोजन किया। कुतिया और कुत्ते ने सात फेरे लिए। फिर मालिक ने कुतिया की विदाई की। कुछ ऐसा ही एक और मामला जिले में सामने आया है। यहां एक ‘श्रीदेवी’ नाम की कुतिया ने पांच पिल्लों को जन्म दिया, जिससे पूरा गांव खुशी से झूम उठा। कुतिया के मालिक ने खुशी में पिल्लों के सभी 12 संस्कार कराए और पूरे गांव को दावत दी। लड़कियों ने ठुमके लगाए तो घर की महिलाओं ने 12 दिनों तक सोहर गाया।
सुमेरपुर विकासखंड के विदोखर पुरई निवासी रामबाबू सोनी ने एक कुतिया पाली थी, जिसका नाम श्रीदेवी रखा है। जिसने सोमवार को पांच बच्चों को जन्म दिया था। फिर क्या था पशु प्रेमियों का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला है। शनिवार की रात श्रीदेवी के बच्चों का इंसानों की तरह धूमधाम से बारहों संस्कार बनाया। इस दौरान महिलाओं ने सोहर गीत गाते गाते हुए बच्चों को दुलार किया। कार्यक्रम में पशु प्रेमी के परिवार के अलावा आसपास के लोग भी इस बारहों संस्कार में झूमने से अपने आप को नहीं रोक सके और ढोल नगाड़ों की धुन में सभी जमकर थिरके।
इस मौके पर डॉगी मालिक ने विधिवत कार्ड छपवाकर अपने रिश्तेदारों को भी जश्न में आमंत्रित किया। इस दावत में डॉगी के मालिक के रिश्तेदार तो आए ही. बल्कि पूरे गांव ने भी दावत का लुत्फ उठाया। मेहमानों के लिए चाय-नाश्ते के साथ स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसका लोगों ने आनंद लिया। रामबाबू ने मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी। पालतू डॉगी के बच्चों के जन्म पर इस तरह किया गया बारहों संस्कार पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि डॉगी की किस्मत कितनी अच्छी है जो इसे रामबाबू जैसा मालिक मिला।
रामबाबू का कहना है कि वो अपने डॉगी से बेतहाशा प्यार करते हैं। जब उनकी डॉगी ने पिल्लों को जन्म दिया तो वो और उनका परिवार काफी खुश हुआ। वो डॉगी को अपने फैमिली मेंबर जैसा ही मानते हैं। रामबाबू ने बताया कि श्रीदेवी उनके परिवार का हिस्सा है। वह हर वक्त हमारे साथ रहती है। जब वह प्रेग्नेंट हुई तब से हम उसका ख्याल रख रहे थे। कुतिया की डिलेवरी नॉर्मल तरीके से हुई। बता दें पशुओं के प्रति ऐसा स्नेह और दुलार कभी कभार ही देखने को मिलता है। जो लोगों के लिए एक प्रेरणा भी है। इस कार्यक्रम और पशु प्रेम की गांव समेत पूरे कस्बा में सराहना व चर्चा हो रही है।
