Hamirpur News: आजादी के 80 साल बाद भी नहीं मिली ये सुविधा तो तिरंगा यात्रा निकाल कर किया प्रदर्शन

हमीरपुर में पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बच्चों के साथ करीब पांच किलोमीटर तिरंगा यात्रा निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम से मुलाकात न होने पर ग्रामीणों ने मुख्य गेट पर धरना दिया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और पीएसी तैनात रही। सोशल मीडिया पर बच्चों की तिरंगा यात्रा का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

Hamirpur Road Protest: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। चंदूपुर गांव और आसपास के डेरों के ग्रामीण अपने बच्चों के साथ करीब पांच किलोमीटर पैदल तिरंगा यात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी उनके गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अभिषेक गोयल से मुलाकात कर सड़क की समस्या रखने की मांग की।

डीएम से मुलाकात न होने पर बढ़ा हंगामा

ग्रामीणों के मुताबिक डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी नाराज हो गए। बच्चों के साथ हाथों में तिरंगा लेकर कुछ ग्रामीण डीएम कार्यालय की ओर बढ़े और अंदर जाने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया।

इसके बाद ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और बाद में कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया।

करीब चार घंटे चला प्रदर्शन

ग्रामीणों का प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला और दोपहर लगभग तीन बजे समाप्त हुआ। ग्रामीणों की मुख्य मांग बदहाल सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त कराकर पक्की सड़क बनवाने की है। प्रदर्शन के दौरान बच्चों की मौजूदगी ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया।

अभिजीत दीपके ने बच्चों का किया समर्थन

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी बच्चों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए उन्हें सलाम किया।

दीपके ने कहा कि ये बच्चे अपने भविष्य और स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की मांग क्या बहुत बड़ी है। उन्होंने 15 अगस्त पर ग्रामीण भारत के बच्चों और उनके स्कूलों के लिए काम करने का संकल्प लेने की अपील भी की।

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