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Sambhal News: रथ यात्रा में गदा उठाने पर हुए विवाद में सीओ संभल पर जांच के आदेश, पूर्व IPS ने की थी शिकायत

Sambhal CO

Sambhal CO Anuj Chaudhary: संभल जिले में खग्गू सराय इलाके में 46 साल पुराने कार्तिकेय महादेव मंदिर में हुई रथ यात्रा के दौरान Sambhal CO अनुज चौधरी का गदा उठाकर शामिल होना चर्चा का विषय बन गया है। रथ यात्रा में वर्दी में धार्मिक आयोजन में भाग लेने को लेकर उठे विवाद के बाद मुरादाबाद के DIG ने सीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ यूपी के DGP को शिकायत की थी, जिसमें वर्दी में धार्मिक आयोजनों में शामिल होने को सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन बताया गया था।

सवालों में सीओ का धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेना

नए साल के पहले दिन खग्गू सराय में आयोजित कार्तिकेय महादेव मंदिर की रथ यात्रा में Sambhal CO अनुज चौधरी हाथों में गदा लिए हुए नजर आए थे। यह यात्रा कर्नाटक के किष्किंधा से आई थी और इस दौरान रथ यात्रा शहर में घूमते हुए मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान सीओ का गदा लेकर चलना और वर्दी में धार्मिक आयोजन में भाग लेना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। वीडियो वायरल होने के बाद इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आईं। जहां कुछ लोग सीओ की तारीफ कर रहे थे, वहीं कुछ ने वर्दी में धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने पर आपत्ति जताई।

पूर्व IPS की शिकायत पर DIG ने दिए जांच के आदेश

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने Sambhal CO अनुज चौधरी के इस कदम को सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन बताया था। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिस अधिकारी का धार्मिक कार्यक्रमों में वर्दी पहनकर भाग लेना गलत है। 2014 में डीजीपी ने एक सर्कुलर जारी कर कहा था कि सरकारी सेवक इस तरह के आयोजनों में वर्दी में शामिल नहीं हो सकते। ठाकुर की शिकायत के बाद मुरादाबाद के DIG ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और अब सीओ के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों ने दी जांच की पुष्टि

मुरादाबाद DIG ने सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश देने की पुष्टि की है। उनका कहना था कि शिकायत में उल्लिखित मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अब तक सीओ अनुज चौधरी की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

यह घटना सरकारी सेवक आचरण नियमावली के पालन और धार्मिक आयोजनों में अधिकारियों की भागीदारी पर सवाल उठाती है, जो आगे की कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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