Hanuman Temple Land Case: फर्रुखाबाद में वर्षों से हनुमान मंदिर ट्रस्ट की कीमती जमीन पर माफिया का कब्जा बना हुआ था। गांव अर्राहपहाड़पुर स्थित करीब 4.3810 हेक्टेयर जमीन की कीमत 70 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह जमीन फर्जी कागजों के सहारे अलग-अलग लोगों के नाम दर्ज होती रही।
फर्जी खरीद-बिक्री का खेल
जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर कई बार फर्जी खरीद-बिक्री और आदेश जारी किए गए। राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन को माफिया और उसके सहयोगियों के नाम दर्ज कराया गया। लंबे समय तक प्रशासन को इसकी भनक नहीं लगी।
गैंग्स्टर एक्ट के बाद कार्रवाई
मामला तब सामने आया जब पुलिस ने गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने 15 मई 2023 को रिपोर्ट भेजकर बताया कि राज्य स्तर के माफिया अनुपम दुबे और उसके साथियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा किया।
फर्जी आदेशों का सहारा
पुलिस रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने 1968 और 2004 के फर्जी अदालती आदेश बनवाए। इन्हीं कागजों के आधार पर जमीन अपने नाम दर्ज कराई गई और बाद में इसे कई लोगों को बेच दिया गया। इससे करोड़ों रुपये कमाए गए।
संपत्ति हुई थी कुर्क
प्रशासन ने 18 मई 2023 को इस जमीन को कुर्क कर लिया था। मंदिर ट्रस्ट की ओर से मुख्तारआम एकलव्य कुमार ने अदालत में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने बताया कि यह जमीन 1941 की पंजीकृत ट्रस्ट डीड के अनुसार हनुमान जी महाराज की है।
फर्जी आदेश साबित हुआ
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने 5 जनवरी 2026 को अपने आदेश में कहा कि 10 नवंबर 2004 का आदेश पूरी तरह फर्जी है। उसी आदेश के आधार पर जमीन पर कब्जा किया गया था।
ट्रस्ट के नाम दर्ज करने का आदेश
अधिकारी ने खतौनी के आधार पर जमीन को ट्रस्ट संपत्ति माना और मूल खातेदार हनुमान जी महाराज के नाम दर्ज करने का आदेश दिया। फर्जी आदेश को निरस्त कर दिया गया।
खरीदारों की दलील खारिज
सुनवाई के दौरान जमीन खरीदने वालों ने कहा कि उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड देखकर जमीन खरीदी थी। वहीं आरोपियों ने इसे विरासत की संपत्ति बताया। डीएम कोर्ट ने सभी दलीलें खारिज कर दीं।
डीएम कोर्ट ने साफ कहा कि जब मूल आदेश ही फर्जी है तो उसके आधार पर किया गया कोई भी बैनामा वैध नहीं माना जाएगा। जमीन की मौजूदा सर्किल रेट से कीमत करीब 70 करोड़ रुपये आंकी गई है। डीएम ने पुलिस और तहसीलदार को तुरंत आदेश लागू करने के निर्देश दिए हैं।


