UP Voter List Update:उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया में अब तक सबसे ज्यादा दावे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से सामने आए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए कुल 105 दावे बीजेपी ने दर्ज कराए हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने 17 और समाजवादी पार्टी (सपा) ने छह दावे प्रस्तुत किए हैं। खास बात यह है कि पहले दिन किसी भी राजनीतिक पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
दावे और आपत्तियों की समयसीमा
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख फरवरी महीने तक रखी गई है। इसके बाद सभी दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अंतिम मतदाता सूची छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
बूथ लेवल एजेंट्स की अहम भूमिका
एसआईआर प्रक्रिया में राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की बड़ी भूमिका रही है। उत्तर प्रदेश में कुल 5 लाख 76 हजार 611 बूथ लेवल एजेंट्स इस प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बीएलए बीजेपी के हैं, जिन्होंने पहले ही दिन 105 फॉर्म चुनाव आयोग तक पहुंचाए।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, बहुजन समाज पार्टी के 1 लाख 53 हजार 469 बूथ एजेंट्स हैं। इन एजेंट्स के जरिए पहले दिन 17 दावे या आपत्तियां दर्ज कराई गईं। वहीं समाजवादी पार्टी के 1 लाख 56 हजार 971 बूथ लेवल एजेंट्स हैं, जिनके माध्यम से छह दावे दर्ज हुए।
इन पार्टियों ने नहीं किया कोई दावा
कुछ राजनीतिक पार्टियों ने पहले दिन कोई भी दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई। कांग्रेस के पास 94 हजार 591 बूथ लेवल एजेंट्स हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के 5 हजार 262 और अपना दल (एस) के 5 हजार 397 बूथ एजेंट्स दर्ज हैं। इसके बावजूद इन पार्टियों की ओर से पहले दिन कोई फॉर्म जमा नहीं किया गया।
फिलहाल किसी भी पार्टी ने ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कोई क्लेम या आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
दो करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए
सीईओ नवदीप रिणवा के कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, छह जनवरी से सात जनवरी शाम पांच बजे तक मिले सभी दावों और आपत्तियों को शामिल किया गया है। मंगलवार छह जनवरी को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में साढ़े 12 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
मृत्यु हो जाने, दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से बस जाने या एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने जैसे कारणों से करीब 2 करोड़ 89 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को साफ, सही और अपडेट रखना है।
