Caste Discrimination: मोहनलालगंज की विधायक ने मंदिर में भेदभाव का लगाया आरोप, सियासत गरम, सपा ने भाजपा पर साधा निशाना

मोहनलालगंज की भाजपा विधायक जय देवी ने मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया। सपा ने घटना की आलोचना करते हुए भाजपा सरकार और हिंदू एकजुटता के नारों पर सवाल उठाए।

Political Intensifies:मोहनलालगंज से भाजपा की दलित विधायक जय देवी ने मंदिर प्रशासन पर जातिगत भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़े भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया। विधायक के आरोपों के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है और समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

अनुष्ठान में भेदभाव का आरोप

जय देवी के मुताबिक, बुधवार को मंदिर में जीर्णोद्धार कार्यक्रम के तहत भूमि पूजन और शिलान्यास का आयोजन किया गया था। उनका आरोप है कि अनुष्ठान के दौरान उन्हें धार्मिक प्रक्रिया में शामिल होने का उचित अवसर नहीं दिया गया। विधायक ने दावा किया कि उन्हें न तो ईंट छूने दी गई, न अगरबत्ती जलाने दी गई और न ही नारियल फोड़ने दिया गया। उन्होंने मंदिर प्रशासन के इस व्यवहार को जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।

सपा ने की आलोचना

समाजवादी पार्टी ने विधायक के आरोपों को गंभीर बताते हुए जातिगत भेदभाव की कड़ी आलोचना की। पार्टी की ओर से कहा गया कि इस घटना ने राज्य सरकार के तहत कथित तौर पर फैली जातिगत भेदभाव की मानसिकता को सामने ला दिया है। सपा ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों पर सवाल खड़े करता है।

सपा नेता का हमला

सपा की बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सुदर्शन ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राजधानी में ऐसी घटना का सामने आना प्रदेश में जातिगत भेदभाव की स्थिति पर सवाल उठाता है। सुदर्शन ने यह भी कहा कि आरोप किसी विपक्षी दल की नेता ने नहीं, बल्कि भाजपा की मौजूदा दलित विधायक ने लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जय देवी दो बार भाजपा सांसद रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी भी हैं।

नारे पर उठाया सवाल

रामबाबू सुदर्शन ने भाजपा और आरएसएस के हिंदू एकजुटता से जुड़े नारों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर हिंदुओं को एकजुट करने की बात की जाती है, तो दलित समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों के साथ कथित भेदभाव की घटनाएं क्यों सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि राजनीतिक दल दलितों को सामाजिक और धार्मिक बराबरी का दर्जा देने के मुद्दे पर वास्तव में कितना गंभीर हैं।

राजनीतिक बहस तेज

विधायक जय देवी के आरोपों के बाद घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सपा इसे जातिगत भेदभाव का मामला बताते हुए सरकार को घेर रही है, जबकि मामले के तथ्य और मंदिर प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि मंदिर प्रशासन और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।

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