Jhansi में थानेदार को लेकर भाजपा विधायकों में टकराव, मंत्री के हस्तक्षेप के बाद हुआ तबादला

भाजपा के दो विधायक, राजीव सिंह पारीछा और रवि शर्मा, सीपरी बाजार थानेदार आनंद सिंह को लेकर आमने-सामने आ गए। मंत्री बेबी रानी मौर्य की हस्तक्षेप के बाद थानेदार को AHTU भेजा गया, विवाद अब चर्चा का केंद्र बन गया।

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Jhansi BJP MLA: जिले के सीपरी बाजार थाने के प्रभारी आनंद सिंह को लेकर भाजपा के दो विधायक आमने-सामने आ गए हैं। बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने थानेदार के व्यवहार को लेकर मंत्री बेबी रानी मौर्य को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि आनंद सिंह ने उनके सामने ही अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। मंत्री ने मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र भेजा, जिसके बाद महानिरीक्षक झांसी आकाश कुलहरि ने आनंद सिंह को AHTU भेजा। वहीं, सदर विधायक रवि शर्मा ने थानेदार के अच्छे व्यवहार का हवाला देते हुए मंत्री को पत्र लिखा। इस मामले ने सत्तापक्ष के दो विधायकों के बीच चर्चा और विवाद को जन्म दे दिया है।

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थानेदार पर आरोप और मंत्री की कार्रवाई

राजीव सिंह पारीछा ने बताया कि आनंद सिंह का व्यवहार प्रेमनगर और सीपरी थाने में उचित नहीं था और उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मंत्री बेबी रानी मौर्य ने विधायक की शिकायत पर थाना प्रभारी को बुलाकर उनकी प्रतिक्रिया सुनी और कार्रवाई की सिफारिश की।

विधायक रवि शर्मा का पक्ष:

Jhansi  सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि आनंद सिंह काफी समय से उनके विधानसभा क्षेत्र में तैनात रहे हैं और जनता तथा जनप्रतिनिधियों के प्रति उनका व्यवहार प्रभावशाली रहा है। उन्होंने मंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच का आग्रह किया और थानेदार के पक्ष में खड़े हुए।

जनता और राजनीतिक असर:

इस विवाद ने स्थानीय Jhansi  राजनीति में हलचल मचा दी है। बबीना विधानसभा क्षेत्र की जनता ने थानेदार के हटने के बाद राहत की सांस ली, जबकि सत्तापक्ष के दोनों विधायक पत्रों के जरिए आमने-सामने आ गए।

अन्य प्रशासनिक विवाद का हवाला:

इस प्रकरण को लेकर कानपुर के डीएम-सीएमओ विवाद की याद ताजा हो गई, जब कानपुर डीएम ने निरीक्षण के दौरान सीएमओ और अन्य अधिकारियों की गैरहाजिरी पर कार्रवाई की थी। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार को लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप आम बात बन गई है।

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