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Ghaziabad में 23 साल के हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर, कांस्टेबल सौरभ देशवाल की शहादत से रो पड़ा सिस्टम

Ghaziabad

Ghaziabad encounter: गाजियाबाद के नाहल गांव में रविवार रात एक खौफनाक मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर कादिर को पकड़ने पहुंची नोएडा पुलिस की टीम पर कादिर के साथियों ने हमला कर दिया। हमले में कांस्टेबल सौरभ देशवाल शहीद हो गए। महज 23 साल का कादिर 24 से ज्यादा गंभीर अपराधों में वांछित था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। फायरिंग और पथराव के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन सोमवार सुबह गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे घायल कर गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद नोएडा और गाजियाबाद पुलिस में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस कादिर के साथियों की तलाश में जुटी है और पूरे गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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शहादत से पहले की आखिरी कॉल

रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे नोएडा पुलिस की एक विशेष टीम हिस्ट्रीशीटर कादिर को पकड़ने गाजियाबाद के नाहल गांव पहुंची थी। मुखबिर की सूचना पर कादिर को घर से हिरासत में लिया गया। Ghaziabad पुलिस टीम जैसे ही लौटने लगी, पंचायत भवन के पीछे छिपे बदमाशों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। अफरातफरी में ज्यादातर पुलिसकर्मी पीछे हटे, लेकिन कांस्टेबल सौरभ देशवाल मोर्चा संभाले खड़े रहे। उन्होंने अकेले ही दर्जन भर बदमाशों को चुनौती दी, लेकिन इसी दौरान एक गोली उनके सिर में लगी और वह गिर पड़े। साथी पुलिसकर्मी उन्हें लेकर यशोदा अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर निकलने से ठीक पहले सौरभ ने अपनी पत्नी से बातचीत की थी — जो आखिरी साबित हुई।

कादिर की घेराबंदी और गिरफ्तारी

घटना की खबर लगते ही Ghaziabad पुलिस ने मोर्चा संभाला और Ghaziabad डीसीपी ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। सोमवार सुबह नाहल गांव के पास कादिर को घेर लिया गया। एक बार फिर उसने पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन इस बार पुलिस तैयार थी। जवाबी फायरिंग में कादिर के पैर में गोली लगी और वह दबोच लिया गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, कादिर के खिलाफ गाजियाबाद, नोएडा और अन्य जिलों में हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट और गो-तस्करी जैसे 24 केस दर्ज हैं।

बदहाल सड़कें और अपराध का अड्डा

नाहल गांव की लोकेशन भी अपराधियों के पक्ष में जाती है। गंगनहर किनारे बसा यह गांव बीहड़ों जैसा है। टूटी-फूटी पटरी से गुजरने के कारण बाहर की पुलिस यहां फंस जाती है। इसी का फायदा उठाकर कादिर जैसे अपराधी पुलिस को चकमा देते रहे हैं। अब गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और फरार साथियों की तलाश जारी है।

Ghaziabad में नोएडा पुलिस पर हमला: दबिश के दौरान फायरिंग, कांस्टेबल सौरभ शहीद

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