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कन्नौज में बारिश बनी आफत: मलबे में दबा पूरा परिवार, दो बच्चों की मौत

Kannauj

Kannauj, उत्तर प्रदेश: रविवार की सुबह Kannauj जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में एक भयानक हादसा हुआ, जब बारिश के कारण एक कच्चे मकान की छत गिर गई। इस दुर्घटना में दो बच्चों की जान चली गई, जबकि अन्य परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय घटी जब धर्मपाल अपने चार बच्चों और पत्नी के साथ घर की छत पर सो रहे थे।

परिवार की आखिरी नींद, छत गिरने से मलबे में दबा पूरा परिवार

रविवार की सुबह तीन बजे अचानक छत गिरने से पूरा परिवार मलबे में दब गया। सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत करके मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत Kannauj तिर्वा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने 12 वर्षीय सरिता और 8 वर्षीय विवेक को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में 14 वर्षीय अंजली, विशाल और धर्मपाल की पत्नी सपना देवी घायल हो गईं, जिनका इलाज चल रहा है।

बारिश का कहर, दीवारों में आई दरारें

गांव वालों ने बताया कि हाल की बारिश के कारण धर्मपाल के कच्चे मकान की दीवारों में दरारें आ गई थीं। परिवार ने अपनी जान बचाने के लिए छत पर सोने का निर्णय लिया, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी नींद होगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में कई ऐसे मकान हैं जो बारिश के कारण नमी के कारण गिर गए हैं या गिरने की कगार पर हैं।

गांववालों का दर्द, सुरक्षित स्थान की कमी

गांववालों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुली जगह पर सोने का कोई विकल्प नहीं है, जिसके कारण लोग मजबूरी में अपने घरों में या छत पर सोते हैं। इस समस्या का समाधान ना होने पर ऐसे हादसों की संभावना बढ़ रही है। गांव के लोग इस हादसे के कारण बेहद दुखी हैं और बारिश को आफत के रूप में देख रहे हैं।

प्रशासन की सक्रियता, आर्थिक मदद का आश्वासन

घटना की सूचना मिलने पर Kannauj राजस्व टीम और इंदरगढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी पारूल चौधरी ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि तहसीलदार अवनीश कुमार ने आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने संकल्प लिया है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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बारिश के मौसम में बढ़ती चुनौतियाँ

इस भयानक घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे बारिश के मौसम में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। घरों की कमजोर संरचना और मौसम की बेरुखी ने परिवारों के लिए जीवन को खतरे में डाल दिया है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे घरों की पहचान करें और उन पर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

कन्नौज में यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक सबक है कि हमें सुरक्षा के प्रति गंभीर रहना चाहिए, खासकर जब मौसम का मिजाज बदलता है।

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