Kanpur Kidney Racket: कानपुर शहर में सामने आए किडनी रैकेट ने पुलिस तक को हैरान कर दिया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई बड़ा डॉक्टर नहीं, बल्कि जालौन से आया एक साधारण युवक शिवम अग्रवाल निकला। करीब 15 साल पहले वह मजदूरी करने कानपुर आया था, लेकिन आज वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन बैठा।
एंबुलेंस चालक से बना ‘डॉक्टर’
शिवम की पढ़ाई सिर्फ आठवीं तक ही हुई थी, लेकिन उसने खुद को डॉक्टर के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। वह अक्सर गले में स्टेथोस्कोप डालकर और सफेद कोट पहनकर घूमता था। उसकी लग्जरी गाड़ी और इस वेशभूषा को देखकर लोग उसे सच में डॉक्टर समझने लगे थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने अपना नेटवर्क खड़ा किया।
गरीबों को बनाता था निशाना
शिवम अस्पतालों और पोस्टमॉर्टम हाउस के आसपास घूमता रहता था। वहां वह ऐसे लोगों को तलाशता था जो या तो बहुत गरीब हों या जिन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत हो। वह एंबुलेंस चालकों के साथ मिलकर ऐसे मरीजों और उनके परिजनों को अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें गलत तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के लिए तैयार करता था।
अवैध कमाई से खड़ी की संपत्ति
मजदूरी से शुरुआत करने वाला शिवम जल्द ही इस अवैध धंधे में गहराई से जुड़ गया। कुछ ही सालों में उसने दो एंबुलेंस खरीद लीं, महंगी ज्वैलरी बनवाई और एक बड़ा प्लॉट भी खरीद लिया। बताया जा रहा है कि वह उस प्लॉट पर अस्पताल खोलने की तैयारी कर रहा था। सोशल मीडिया पर उसकी सोने की मोटी चेन पहने तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।
निजी जिंदगी भी विवादों में
शिवम की निजी जिंदगी भी काफी उलझी हुई रही। उसने दो शादियां कीं। पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गई, क्योंकि वह शराब पीकर मारपीट करता था। इसके बाद उसने दूसरी शादी भी धोखे से की। लड़की के परिवार का आरोप है कि उसने झूठ बोलकर उनकी पढ़ी-लिखी बेटी को फंसा लिया और उसकी जिंदगी खराब कर दी।
दिल्ली-नोएडा तक फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि शिवम का नेटवर्क सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं था। वह दिल्ली और नोएडा के कुछ डॉक्टरों से भी संपर्क में था। वह डोनर और मरीज दोनों की व्यवस्था करता था और पूरे ट्रांसप्लांट की सेटिंग करता था। अब पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि पूरे गिरोह का पता लगाया जा सके।
पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
रावतपुर पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। जांच तेजी से चल रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी में है।
