Kanpur Mystery: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के पटारा कस्बे में 25 वर्षीय अविवाहित महिला का शव बाग में मिलने से सनसनी फैल गई। शव तिलसाड़ा मोड़ के पास मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। सबसे हैरान करने वाली बात शव की हालत थी। महिला की मांग में सिंदूर की जगह लिपस्टिक भरी मिली, माथे पर बिंदी थी और पैर की तीसरी उंगली में नई बिछिया पहनाई गई थी। इन परिस्थितियों ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पांच महीने की गर्भवती
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला के करीब पांच महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने खुद जहरीला पदार्थ खाया था या किसी ने उसे दिया। अविवाहित महिला की गर्भावस्था सामने आने के बाद पुलिस ने उसके निजी संबंधों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच तेज कर दी है। पुलिस अब गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता और महिला की मौत से पहले उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
दो लोगों पर आरोप
महिला के पिता ने पुलिस को शिकायत देकर दो पुरुषों पर हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पटारा निवासी गोले पांडे और फतेहपुर के जहानाबाद निवासी प्रांजुल पाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रांजुल पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि गोले पांडे की तलाश में अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस दोनों के बयानों को पोस्टमॉर्टम और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाकर जांच कर रही है।
कॉल रिकॉर्ड बना अहम सबूत
जांच में महिला के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन महिला की दोनों आरोपियों से फोन पर बातचीत हुई थी। प्रांजुल पाल से करीब 1,400 सेकंड यानी लगभग 23 मिनट और गोले पांडे से करीब 600 सेकंड यानी करीब 10 मिनट बातचीत हुई। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले इन दोनों से महिला की क्या बात हुई थी और क्या इन कॉल्स का घटना से कोई संबंध है।
रिश्तों की जांच जारी
पूछताछ में प्रांजुल ने बताया कि उसे महिला का नंबर एक दोस्त के जरिए मिला था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और कथित तौर पर उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। प्रांजुल कानपुर देहात के रनिया क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करता है और बिधनू में अपने जीजा के घर रहता है। दूसरी ओर, पुलिस के अनुसार गोले पांडे ने महिला को कानपुर मेट्रो में नौकरी दिलाने में मदद की थी। इसके बाद महिला को रामादेवी क्षेत्र में किराए के मकान में रखा गया था। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध होने की बात सामने आई है।
अस्पताल ले गया था गोले
मामले में गोले पांडे की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। बताया गया है कि जहरीला पदार्थ खाने के बाद महिला को इलाज के लिए हैलेट अस्पताल ले जाने वाला व्यक्ति गोले पांडे था। इसके अलावा महिला की मांग में लिपस्टिक लगाने और पैर में नई बिछिया पहनाने का रहस्य भी बरकरार है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये चीजें महिला ने खुद पहनी थीं या किसी और ने पहनाईं। फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया है। शव बाग में कैसे पहुंचा, जहरीला पदार्थ महिला ने खुद लिया या उसे दिया गया और उसकी मौत के पीछे असल वजह क्या थी, इन सभी सवालों की जांच जारी है। आगे मिलने वाले साक्ष्यों और पुलिस जांच से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
