Dr. Rameez Uddin Nayak: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक पर लगे गंभीर आरोपों ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है। रमीज पर एक साथी हिंदू महिला डॉक्टर को प्रेम जाल में फंसाने, जबरन गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप है। ताजा जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि फरार डॉक्टर रमीज का सीधा कनेक्शन कुख्यात ‘छांगुर बाबा’ उर्फ जलालुद्दीन शाह से है, जो पहले से ही करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग और अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में जेल में है। पुलिस ने रमीज पर इनाम बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है और उसके माता-पिता को साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
डॉक्टर रमीज: ‘व्हाइट कॉलर’ जिहाद का चेहरा?
Dr. Rameez Uddin Nayak, जो KGMU के पैथोलॉजी विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर था, पर आरोप है कि Dr. Rameez Uddin Nayak ने अपनी पहचान छिपाकर और खुद को अविवाहित बताकर एक महिला सहकर्मी का यौन शोषण किया। जांच में खुलासा हुआ कि रमीज पहले से शादीशुदा था और उसने अपनी पहली पत्नी (जो स्वयं एक डॉक्टर है) को भी शादी से पहले इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया था। पीड़िता का आरोप है कि रमीज ने न केवल उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि उसके निजी वीडियो बनाकर उसे ब्लैमेल भी किया ताकि वह धर्म परिवर्तन कर ले।
छांगुर बाबा और रमीज का ‘खतरनाक गठजोड़’
यूपी एटीएस (ATS) की जांच में यह संकेत मिले हैं कि रमीज, बलरामपुर के कुख्यात छांगुर बाबा के उस नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है जिसने कथित तौर पर 1500 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराया है। छांगुर बाबा पर नेपाल के रास्ते 500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग प्राप्त करने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार:
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टारगेटेड ट्रेनिंग: छांगुर बाबा का नेटवर्क कथित तौर पर शिक्षित युवाओं को ‘हनी ट्रैप’ और धर्मांतरण की ट्रेनिंग देता था।
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मेडिकल कॉलेज कनेक्शन: रमीज जैसे डॉक्टरों का उपयोग शिक्षित हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था।
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आर्थिक जाल: एटीएस रमीज के बैंक खातों और छांगुर बाबा के विदेशी फंड्स के बीच संभावित लेन-देन की कड़ियाँ जोड़ रही है।
सरकार और हिंदू संगठनों का कड़ा रुख
इस मामले के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने लखनऊ के 1090 चौराहे पर कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इसे ‘लव जिहाद’ से आगे बढ़कर एक ‘संगठित जनसांख्यिकीय हमला’ करार दिया है। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि धर्मांतरण सिंडिकेट से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रमीज के माता-पिता, सलीमउद्दीन और खदीजा की गिरफ्तारी इस दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
मुख्य विवरण |
जानकारी |
मुख्य आरोपी |
डॉ. रमीज उद्दीन नायक (उर्फ रमीज मलिक) |
पुरस्कार राशि |
₹50,000 |
संबंधित धाराएं |
बलात्कार, जबरन गर्भपात, यूपी धर्मांतरण निषेध अधिनियम |
नेटवर्क कनेक्शन |
जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा (बलरामपुर) |
इस मामले ने एक बार फिर उच्च शिक्षित संस्थानों में सक्रिय कट्टरपंथी विचारधारा और उनके पीछे छिपे बड़े सिंडिकेट की पोल खोल दी है। पुलिस की कई टीमें अब रमीज की तलाश में उत्तराखंड और आगरा में दबिश दे रही हैं।


