Brutal Murder Case Exposed: कौशांबी, सैनी क्षेत्र के कानेमई गांव निवासी किसान गणेश प्रसाद राजपूत की हत्या उसकी बेटी के आशिक ने की थी। यह मामला एक प्रेम प्रसंग से शुरू होकर एक बेरहमी से की गई हत्या तक जा पहुंचा। आरोपी को डर था कि वह दोबारा किसी और मुकदमे में फंस जाएगा, इसी डर में उसने गणेश प्रसाद की सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना गांव कानेमई की है, जहां नलकूप की रखवाली कर रहे 55 वर्षीय गणेश प्रसाद की एक फरवरी की रात नृशंस हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने बरामद किए अहम सबूत
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, जलाई गई जैकेट, मोबाइल के अवशेष और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है। गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर चालान भेज दिया गया। बरामदगी के बाद यह साफ हो गया कि हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी।
पहले गलत शक, फिर सच सामने आया
मृतक के बेटे राहुल ने शुरुआत में अपने दूर के रिश्तेदार बउवा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने उसी दिन उसे हिरासत में लिया, लेकिन जांच में वह निर्दोष पाया गया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए Rajesh Kumar ने घटना के खुलासे के लिए पांच पुलिस टीमें गठित कीं।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुली परतें
पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। घटनास्थल पर कोई सीधा इलेक्ट्रॉनिक सबूत नहीं था, लेकिन पास के एक इंटर कॉलेज के कैमरे में एक बाइक नलकूप के पास रुकती दिखाई दी। बिजली जाने और कुछ देर बाद बाइक के वहां से निकलने की टाइमिंग ने पुलिस को अहम सुराग दिया। इसी आधार पर बाइक का रूट ट्रेस किया गया।
बेटी के अपहरण से जुड़ी थी रंजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी आकाश, जो कानेमई गांव का रहने वाला है, चार महीने पहले गणेश प्रसाद की बेटी को प्रेम प्रसंग में भगा ले गया था। इस मामले में गणेश ने आरोपी के खिलाफ थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने लड़की को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। इसी रंजिश में आकाश ने बदला लेने की ठान ली।
बेटे की जगह पिता की कर दी हत्या
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह घटना वाली रात गणेश के बेटे राहुल की हत्या करने के इरादे से गया था। जब राहुल नहीं मिला और गणेश बाहर सोते मिले, तो उसने वहीं कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उसने जैकेट और मोबाइल जला दिया और फरार हो गया।
फोन से दूरी और चालाकी
पुलिस के अनुसार, आरोपी को सर्विलांस की अच्छी जानकारी थी। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। घरवाले भी उसे फरारी के दौरान फोन न चलाने की सलाह देते थे। आठवीं तक पढ़ा आकाश काफी शातिर तरीके से छिपता रहा, लेकिन आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गया।
पुलिस टीम को मिला इनाम
एसपी ने बताया कि यह केस बेहद चुनौतीपूर्ण था। कड़ी मेहनत और सूझबूझ से मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देकर सम्मानित किया गया। वहीं, नामजद किए गए अन्य लोगों की हत्या में कोई भूमिका नहीं पाई गई।







