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Uttar Pradesh: प्रदेश में हड़ताल के बाद भी नहीं जाएगी लाइट, प्रशासन ने सौंपी इन लोगों को ज़िम्मेदारी

Lucknow Power Strike उत्तर प्रदेश में 29 मई को प्रस्तावित बिजली विभाग की हड़ताल को लेकर लखनऊ प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बिजली कर्मचारियों द्वारा निजीकरण के खिलाफ की जा रही इस हड़ताल के चलते, राजधानी में बिजली सप्लाई बनाए रखने की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग और ITI छात्रों को सौंपी गई है।

प्रशासन की ओर से राजकीय पॉलीटेक्निक और ITI कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों को अलर्ट कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर इन्हें फील्ड में भी तैनात किया जाएगा, ताकि बिजली आपूर्ति पर असर न पड़े।

1500 से ज्यादा छात्र हैं तैयार, दी गई ट्रेनिंगलखनऊ के पांच प्रमुख राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और एक PPP मॉडल कॉलेज में इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल ब्रांच के करीब 1500 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, पांच सरकारी ITI संस्थानों में 500 छात्र बिजली संबंधित कोर्स कर रहे हैं। जबइन सभी छात्रों को खास तकनीकी ट्रेनिंग दी गई है, ताकि आपात स्थिति में बिजली की तकनीकी दिक्कतों को तुरंत ठीक किया जा सके।

परीक्षा के तुरंत बाद मिल सकती है फील्ड ड्यूटी

हीवेट पॉलिटेक्निक के प्राचार्य कुंदन सिंह ने बताया कि उनके कॉलेज के करीब 150 छात्रों की परीक्षा 28 मई को खत्म हो रही है। हड़ताल की स्थिति में इन छात्रों को अगले ही दिन फील्ड ड्यूटी पर लगाया जा सकता है, जिसके लिए उन्हें पहले से प्रशिक्षित किया गया है।

लखनऊ पॉलीटेक्निक के प्राचार्य अनिल भारती ने भी बताया कि छात्र और शिक्षक दोनों सतर्क हैं और प्रशासन के निर्देशों के अनुसार तैयार हैं। बीते सप्ताह हुई जिलाधिकारी की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि किसी भी बिजली संकट से निपटने के लिए तकनीकी छात्रों की मदद ली जाएगी।

प्रशासन की रणनीति

प्रशासन की इस पहल को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे हड़ताल के दौरान भी बिजली सप्लाई सामान्य बनी रहे। हालांकि, यह देखना बाकी है कि हड़ताल का वास्तविक असर कितना व्यापक होता है और प्रशासन की यह तैयारी कितनी कारगर साबित होती है।

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