लखनऊ वालों को बड़ी सौगात: मार्च से दौड़ेगी हरौनी पुल पर गाड़ियां, बचेगा 6 किमी का चक्कर!

लखनऊ के बनी-मोहान रोड पर हरौनी रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का काम अब अंतिम चरण में है। रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद गर्डर रखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मार्च 2026 तक यह पुल जनता के लिए खुल जाएगा।

Lucknow Harauni Railway Crossing

Lucknow Harauni Railway Crossing: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करीब 5 लाख निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। बनी-मोहान रोड पर हरौनी रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। सेतु निगम ने रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर स्पैन गर्डर रखने का महत्वपूर्ण कार्य शुरू कर दिया है। लंबे समय से रेलवे ब्लॉक की प्रतीक्षा कर रहे इस प्रोजेक्ट को अब गति मिल गई है, जिससे जनवरी के अंत तक गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा हो जाएगा। फरवरी में फिनिशिंग और रोड पिचिंग के बाद, मार्च माह में इसे आधिकारिक तौर पर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस पुल के शुरू होने से स्थानीय लोगों को अब 6 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

रेलवे ब्लॉक मिलने से दूर हुई बाधा

हरौनी रेलवे क्रॉसिंग Lucknow  पर ब्रिज का निर्माण कार्य सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है। हालांकि पुल के दोनों तरफ का ढांचा पिछले साल सितंबर में ही तैयार हो गया था, लेकिन रेलवे ट्रैक के ऊपर मुख्य हिस्सा (गर्डर) न रख पाने के कारण काम अटका हुआ था। पहले इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, परंतु रेलवे से आवश्यक ‘ब्लॉक’ न मिलने के कारण इसमें देरी हुई।

हालिया विकास में, रेलवे ने लगातार प्रयासों के बाद प्रतिदिन दो शिफ्टों में दो-दो घंटे का ब्लॉक आवंटित किया है। यह अनुमति अगले 17 दिनों के लिए दी गई है। ब्लॉक मिलते ही विभाग ने गर्डर रखने की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

5 लाख आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

इस ओवरब्रिज के निर्माण से Lucknow और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 5 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में, क्रॉसिंग बंद होने या निर्माण कार्य के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लगभग 6 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता है। इस पुल के चालू होते ही न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन के खर्च में भी कमी आएगी।

आगामी समय सीमा और फिनिशिंग कार्य

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जनवरी के अंत तक स्पैन गर्डर की लॉन्चिंग का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद:

  • फरवरी: पुल की रोड पिचिंग, रेलिंग पेंटिंग और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे फिनिशिंग कार्य किए जाएंगे।

  • मार्च: पुल को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर आम जनता की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जिससे बनी-मोहान मार्ग Lucknow पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

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