Lucknow-Kanpur Expressway का उद्घाटन टला,जनिये अब कब से दौड़ेंगी गाड़ियां

National Highways Authority of India ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन फिलहाल टाल दिया है। निर्माण और फिनिशिंग का काम अधूरा होने के कारण यह फैसला लिया गया। अब 15 मई तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद मई के दूसरे पखवाड़े में इसे जनता के लिए खोला जा सकता है।

National Highways Authority of India की महत्वाकांक्षी परियोजना Lucknow-Kanpur Expressway का इंतजार कर रहे लोगों को फिलहाल थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर निर्माण और अंतिम फिनिशिंग का काम अभी पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पहले अप्रैल के अंत में प्रस्तावित था, लेकिन समीक्षा के बाद इसे आगे बढ़ा दिया गया। NHAI का कहना है कि अधूरे निर्माण के साथ एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोलना यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से उचित नहीं होगा।

कई हिस्सों में बाकी है अंतिम काम

परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में अभी सड़क की फिनिशिंग, साइड बैरियर, लाइटिंग, साइन बोर्ड और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाने बाकी हैं। इसके अलावा सुरक्षा मानकों की अंतिम जांच और ट्रायल रन भी होना है।

अधिकारियों का लक्ष्य है कि 15 मई तक सभी लंबित कार्यों को पूरा कर लिया जाए। यदि काम तय समयसीमा में पूरा हो जाता है, तो मई के दूसरे पखवाड़े में उद्घाटन की नई तारीख घोषित की जा सकती है।

यात्रा का समय होगा कम

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय काफी घट जाएगा। वर्तमान में जहां यात्रियों को ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी के कारण डेढ़ से तीन घंटे तक का समय लग जाता है, वहीं एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह सफर लगभग 30 से 45 मिनट में पूरा हो सकेगा।

व्यापार और उद्योग को मिलेगा फायदा

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और माल परिवहन के लिहाज से भी बेहद अहम साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से लखनऊ और कानपुर के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।

हालांकि उद्घाटन टलने से लोगों में थोड़ी निराशा जरूर है, लेकिन प्रशासन और विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजरें 15 मई की समयसीमा पर टिकी हैं।

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