Lucknow Link Expressway: उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली 50 किलोमीटर लंबी नई लिंक रोड पर काम तेज कर दिया है। लखनऊ के बाहरी हिस्सों से गुजरने वाली यह छह लेन की ग्रीनफील्ड सड़क शहर के ट्रैफिक भार को कम करेगी और दिल्ली से बिहार तक का सफर बेहद सुगम बना देगी। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके लिए जिला प्रशासन ने 28 गांवों के सैकड़ों किसानों को नोटिस जारी किए हैं। यूपीडा (UPEIDA) द्वारा संचालित इस ₹4,775 करोड़ के प्रोजेक्ट से लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें और वर्तमान स्थिति
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कुल लंबाई और लागत: यह लिंक रोड लगभग 49.96 किलोमीटर लंबी होगी, जिसके निर्माण पर ₹4,775 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
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लेन की संख्या: शुरुआत में यह 6 लेन का होगा, लेकिन भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है।
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कनेक्टिविटी पॉइंट्स: यह लिंक रोड आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मोहान रोड (सरोसा-भरोसा गांव) से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के शुरुआती बिंदु गोसाईगंज (चांद सराय गांव) पर समाप्त होगा।
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इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ: यह मार्ग सरोजनीनगर और मोहनलालगंज तहसीलों के बंथरा, कुरैनी और कल्ली पश्चिम जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा।
कब तक चालू होगी सड़क?
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। फरवरी 2026 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा, जिसे पूरा होने में सामान्यतः 24 से 30 महीने का समय लग सकता है। उम्मीद की जा रही है कि 2028 के मध्य तक यह लिंक रोड पूरी तरह चालू हो सकती है।
इस प्रोजेक्ट की समयसीमा और गांवों से जुड़ी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
निर्माण की समयसीमा (Timeline)
यूपीडा (UPEIDA) और जिला प्रशासन इस Lucknow Link Expressway प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर रख रहे हैं:
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भूमि अधिग्रहण: वर्तमान में 28 गांवों के 700 काश्तकारों को नोटिस दिए जा चुके हैं। लक्ष्य है कि अगले 4-6 महीनों में जमीन का कब्जा प्राप्त कर लिया जाए।
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टेंडर प्रक्रिया: जमीन का एक बड़ा हिस्सा मिलते ही निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
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अनुमानित संचालन: निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में लगभग 24 से 30 महीने का समय लगेगा। इस लिहाज से 2028 तक इस मार्ग के पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र और गांव
यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 40 गांवों की जमीन से होकर गुजरेगा। मुख्य रूप से यह दो तहसीलों को कवर करेगा:
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सरोजनीनगर तहसील: इसके अंतर्गत आने वाले गांव जैसे सरोसा-भरोसा (शुरुआती बिंदु), बंथरा, और कुरैनी के आसपास की जमीन ली जा रही है।
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मोहनलालगंज तहसील: इसमें कल्ली पश्चिम, चांद सराय (समाप्ति बिंदु), और सुल्तानपुर रोड के आसपास के गांव शामिल हैं।
इन इंटरचेंज से आसान होगा रास्ता
सिर्फ दोनों एक्सप्रेसवे ही नहीं, बल्कि बीच में पड़ने वाले अन्य हाईवे को भी जोड़ा जाएगा:
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कानपुर रोड (NH-27): यहाँ एक बड़ा इंटरचेंज बनेगा ताकि कानपुर की ओर से आने वाले वाहन सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकें।
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रायबरेली-प्रयागराज रोड (NH-30): यहाँ भी कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे लखनऊ शहर के भीतर आए बिना ही प्रयागराज की ओर जाया जा सकेगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
इस Lucknow Link Expressway रोड के बनने से लखनऊ के अवध चौराहा, बाराबिरवा, कृष्णानगर और शहीद पथ जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों का दबाव 70-80% तक कम हो जाएगा। आगरा की तरफ से आने वाले वाहन अब शहर के भीतर घुसे बिना सीधे पूर्वांचल या प्रयागराज की ओर निकल सकेंगे।


