Investigation Takes New Turn: लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में आईसीआईसीआई बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा, उनकी ननद तुलिका बाजपेयी और पति मानस बाजपेयी की मौत के मामले में शुक्रवार को जांच ने नया मोड़ लिया। दिव्या की बहन और वरिष्ठ पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज साझा कर पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस अब आरोपी मानस के पास से मिले अवैध हथियारों के स्रोत की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार कहां से आए और क्या इस मामले में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।
CCTV पर सवाल
प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया कि घटना के दौरान बैंक के बाहर गोलीबारी के बाद कर्मचारी घबराकर भागते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मानस कार चलाना नहीं जानता था तो उसके कार से आने-जाने की बात कैसे सामने आई। प्रज्ञा के मुताबिक, मानस ऑटो से घटनास्थल तक आया और उसी माध्यम से वहां से गया। उन्होंने ऑटो चालक और संभावित सहयोगी की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की है। इन दावों की पुलिस जांच में पुष्टि होना अभी बाकी है।
हथियारों की गुत्थी
मामले में पुलिस के सामने हथियारों को लेकर भी कई सवाल हैं। जांच के दौरान मानस के पास से दो पिस्टल और एक तमंचा बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन अवैध असलहों की खरीद कहां से हुई थी। जांचकर्ताओं को आशंका है कि हथियारों की उपलब्धता के पीछे किसी आपराधिक नेटवर्क या तस्कर की भूमिका हो सकती है। पुलिस हथियारों की सप्लाई चेन और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
परिवार ने जताई हैरानी
मानस के मामा और ममेरे भाई ने बातचीत में कहा कि उन्हें इस घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है। मामा के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह मानस से करीब पांच मिनट तक सामान्य बातचीत हुई थी। उसने उस समय खुद को काम में व्यस्त बताया था और बाद में बात करने की बात कही थी। परिजनों का कहना है कि मानस ने किसी परेशानी या तनाव के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी थी। परिवार का यह भी कहना है कि अगर उसे कोई समस्या होती तो वे दूर रहने के बावजूद उसकी मदद के लिए पहुंचते।
घर में CCTV क्यों था
घर में कई जगह और तुलिका के बेडरूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठे हैं। परिजनों ने बताया कि तुलिका मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और मानस के काम पर बाहर रहने के दौरान उनकी सुरक्षा और निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए थे। पुलिस अब घर में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का क्रम स्पष्ट हो सके।
मौत का सच छिपाया
प्रज्ञा मिश्रा ने दावा किया कि दिव्या की मां को अभी तक उनकी मौत की वास्तविक जानकारी नहीं दी गई है। उनके मुताबिक, मां को यह बताया गया है कि दिव्या की हालत गंभीर है, जबकि शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। परिवार की ओर से किए गए इस दावे की परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर उनका विश्लेषण कर रही है।
जांच जारी है
पुलिस तीनों मौतों से जुड़े घटनाक्रम को जोड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज, हथियारों, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सबसे अहम सवाल अब हथियारों के स्रोत, घटनास्थल तक पहुंचने और वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियों से जुड़े हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
