छोटी सी बात पर भाइयों में विवाद, बड़े ने किया हमला, छोटे की गई जान, एक पहुंचा जेल दूसरा शमशान

महाराजगंज में जूतों को लेकर हुए झगड़े में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। पुलिस जांच में जुटी है और परिवार में मातम छाया हुआ है।

Maharajganj brother murder case

Maharajganj Brother Murder: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां जूतों को लेकर हुआ मामूली झगड़ा एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया। दो सगे भाइयों के बीच शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बात हत्या तक पहुंच गई।

कैसे शुरू हुआ विवाद

यह घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे घुगली थाना क्षेत्र के चौमुख नौका टोला गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, 16 और 15 साल के दो भाई ऑनलाइन मंगाए गए नए जूतों को पहले पहनने को लेकर आपस में बहस करने लगे। शुरुआत में मामला सिर्फ कहासुनी तक ही सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे झगड़ा बढ़ गया।

गुस्से में उठाया खौफनाक कदम

बहस के दौरान बड़े भाई को इतना गुस्सा आया कि उसने पास में रखी कैंची उठा ली। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई पर लगातार कई वार कर दिए। हमले में छोटे भाई के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। खून ज्यादा बहने की वजह से वह मौके पर ही गिर पड़ा।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

घटना के तुरंत बाद परिवार वाले घायल बच्चे को जल्दी-जल्दी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया।

घर और गांव में मातम

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। गांव में भी शोक का माहौल है। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह हैरान रह गया। एक छोटी सी बात ने दो भाइयों के रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि मृतक और आरोपी दोनों ही नाबालिग हैं। पुलिस ने आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना समाज के लिए एक बड़ी सीख भी है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा और आपसी झगड़े किस तरह खतरनाक रूप ले सकते हैं, इसका यह एक दर्दनाक उदाहरण है। परिवार और समाज दोनों को ऐसे मामलों में बच्चों को समझाने और शांत रहने की सीख देने की जरूरत है।

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