Premanand Ji Maharaj fire news: उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन के छटीकरा मार्ग पर रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज के श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी स्थित फ्लैट संख्या 212 से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं निकलने लगा। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि प्रेमानंद महाराज पिछले एक महीने से अपने दूसरे निवास, श्री राधाहित कैलिकुंज में रह रहे हैं, जिससे एक बड़ा अनिष्ट टल गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आग पर काबू पाया, लेकिन सेवादारों के उग्र व्यवहार ने इस घटना को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है।
मथुरा के श्रीकृष्ण शरणम समिति के फ्लैट नं-212 जिसमें पहले संत प्रेमानंद जी रहते हैं में लगी आग,दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया,आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा#Mathura #FireAccident #PremaNandji pic.twitter.com/nz4bKUfQRa
— Barabanki News (@BBKNews) January 11, 2026
सेवादारों की अभद्रता से उपजा तनाव
हादसे की खबर मिलते ही जब स्थानीय लोग, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी मदद और कवरेज के लिए पहुंचे, तो वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि Premanand Ji Maharaj के सेवादारों ने सेवा भाव दिखाने के बजाय वहां मौजूद लोगों के साथ अमर्यादित व्यवहार शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेवादार कवरेज कर रहे पत्रकारों और मोबाइल से वीडियो बना रहे स्थानीय निवासियों पर टूट पड़े। उन्होंने न केवल लोगों के मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ भी बदतमीजी की। संकट के समय मदद के लिए आए ब्रजवासियों के साथ इस तरह के बर्ताव ने आग की घटना से ज्यादा चर्चा बटोर ली है।
ब्रजवासियों में गहरा रोष
सेवादारों के इस ‘अहंकारी’ रवैये के खिलाफ स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि वृंदावन जैसे पवित्र स्थान पर, जहां संतों के अनुयायियों से विनम्रता की अपेक्षा की जाती है, वहां सेवादारों का यह हिंसक रूप निंदनीय है। स्थानीय समाज ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अभद्रता करने वाले सेवादारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक जांच और सुरक्षा ऑडिट
दमकल विभाग ने फ्लैट में आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी की पूरी बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Safety Equipment) की जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने Premanand Ji Maharaj सेवादारों की भूमिका और उनके व्यवहार पर एक नई सामाजिक बहस छेड़ दी है।






