प्रयागराज में ‘आस्था’ और ‘प्रशासन’ की जंग: शंकराचार्य का रथ रोका, भड़के समर्थक, बैरियर टूटा!

प्रयागराज माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन द्वारा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को रोकने पर उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिससे पवित्र स्नान पर्व के दौरान मेला क्षेत्र में भारी तनाव और हंगामा देखा गया।

Shankaracharya Avimukteshwaranand

Shankaracharya Avimukteshwaranand Rath Dispute, संगम नगरी में मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धा का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। रविवार तड़के से ही त्रिवेणी तट पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन इस पावन पर्व पर उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब पुलिस ने ज्योतिष पीठ के Shankaracharya Avimukteshwaranand के रथ को संगम जाने से पहले ही रोक दिया। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया था, जिससे संतों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान पुल संख्या चार का बैरियर टूटने और हाथापाई की खबरों ने स्थिति को संवेदनशील बना दिया। भारी विरोध के बीच शंकराचार्य ने पुलिसिया कार्रवाई पर नाराजगी जताई और स्नान करने से मना कर दिया।

आस्था के सैलाब में विवाद की गूँज

मौनी अमावस्या के इस मुख्य स्नान पर्व पर सुबह 9 बजे तक करीब 1.5 करोड़ लोग पुण्य की डुबकी लगा चुके थे। हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश के बीच उत्सव का माहौल था, लेकिन प्रशासन द्वारा शंकराचार्य के रथ को रोके जाने से माहौल अचानक बदल गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि रथ की पूर्व अनुमति नहीं थी और सुरक्षा के लिहाज से केवल पैदल जाने की अनुमति दी जा सकती है।

दूसरी ओर, Shankaracharya Avimukteshwaranand ने आरोप लगाया कि संतों के साथ मारपीट की गई है। उन्होंने कहा कि पैदल चलने पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ की स्थिति बन सकती है, जिसे देखते हुए रथ का उपयोग जरूरी था।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंध

बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:

प्रशासन का अनुमान है कि दिन के अंत तक स्नान करने वालों की संख्या 3.5 से 4 करोड़ तक पहुँच सकती है। शनिवार रात से ही श्रद्धालु सिर पर अपनी पोटली लादे पांटून पुलों के जरिए संगम की ओर बढ़ रहे थे। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और वैकल्पिक घाटों का उपयोग करने की अपील की है।

‘DM बनोगे तो हमारा काम कौन करेगा?’, Mau में दलित छात्र की पिटाई पर 3 महीने बाद मचा बवाल

Exit mobile version