Ishan Anand BSP National Coordinator: बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एक और बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह वही पद है, जिसकी जिम्मेदारी पहले उनके बड़े भतीजे आकाश आनंद के पास थी। लखनऊ में बुधवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय बैठक में यह फैसला लिया गया।
ईशान को मिली बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने ईशान आनंद को पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। इससे पहले सितंबर में उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी की भूमिका भी दी गई थी। अब राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में उनकी भूमिका और बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईशान राज्यों में संगठन से जुड़े काम और पार्टी की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
ईशान आनंद मायावती के भाई आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं। वह विदेश से पढ़ाई करके लौटे हैं और पिछले कुछ समय से बसपा की गतिविधियों में नजर आ रहे थे। राष्ट्रीय संयोजक का पद मिलने से उन्हें पार्टी में औपचारिक तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है।
आकाश की जगह ईशान
ईशान को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब आकाश आनंद को पार्टी के सभी दायित्वों से अलग किया जा चुका है। सितंबर में मायावती ने आकाश को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया और बाद में पार्टी से भी बाहर कर दिया। इसके बाद मायावती ने कहा था कि आकाश और उनकी बहन दीपिका आनंद को संगठन में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जबकि ईशान को आगे बढ़ाने की बात कही थी।
इससे पहले आकाश आनंद को मायावती ने 2019 में राष्ट्रीय संयोजक बनाया था। दिसंबर 2023 में उन्हें मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित किया गया था। हालांकि बाद में उनके संगठनात्मक सफर में कई बार बदलाव हुए और उन्हें पद से हटाया तथा फिर जिम्मेदारी दी गई।
चुनाव से पहले संगठन पर जोर
बसपा इस समय उत्तर प्रदेश समेत आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। लखनऊ की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रदेश स्तर के नेता शामिल हुए। संगठन की स्थिति, राज्यों में पार्टी की गतिविधियों और आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
ईशान को राष्ट्रीय संयोजक बनाने के फैसले से अब बसपा के संगठन में उनकी भूमिका स्पष्ट हो गई है। मायावती के इस फैसले के बाद पार्टी में युवा नेतृत्व और आने वाले चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

