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Mayawati Slams BJP: गरीबों को बसाने की बजाय उजाड़ रही सरकार… मायावती का भाजपा पर हमला

Mayawati

Mayawati Slams BJP: बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के हक की अनदेखी कर रही है और उनकी समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें भिखारी बनाने पर तुली हुई है। मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस की राह पर चल रही है और जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों को हवा-हवाई बताते हुए कहा कि देश की गरीब, दलित और पिछड़ी जातियों को विकास से दूर रखा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है और सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है। उन्होंने बजट में किए गए दावों को महज दिखावा करार दिया और कहा कि गरीबों के लिए रखे गए फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा।

सरकार पर झूठे वादों का आरोप

Mayawati ने भाजपा सरकार पर झूठे वादों का आरोप लगाते हुए कहा कि “अच्छे दिनों” की बातें केवल प्रचार का हिस्सा थीं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने और गरीबी दूर करने में पूरी तरह विफल रही है। गरीबों को राहत देने के बजाय उनके घर उजाड़े जा रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें बजट में बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है। सरकार 50% भी अपने वादों को पूरा नहीं कर पाती।

गरीबों को टारगेट किया जा रहा

Mayawati ने आरोप लगाया कि सरकार कानून और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर गरीबों, दलितों और पिछड़ों को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्म विशेष के लोगों को परेशान किया जा रहा है और उनके खिलाफ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों के विकास के लिए बजट में फंड तो रखा जाता है, लेकिन उसका सही इस्तेमाल नहीं होता और अंत में वह पैसा दूसरी योजनाओं में खर्च कर दिया जाता है।

पूंजीपतियों को फायदा, गरीबों को नुकसान

Mayawati ने कहा कि सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यूपी को ग्रोथ इंजन बताने का दावा कर रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की हालत खराब है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गरीबों के लिए काम करना चाहती है, तो उसे जमीनी स्तर पर बदलाव लाने होंगे और केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा।

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