बुलंदशहर में दोस्ती पर लगा दाग, नाबालिग दोस्तों ने हत्या कर शव कुएं में फेंका जानिए आधी रात की पूरी कहानी

बुलंदशहर में 15 साल के अनमोल की हत्या उसके तीन दोस्तों ने विवाद के चलते की। शराब पिलाकर ईंट से मारकर शव कुएं में फेंका गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Midnight Conspiracy: बुलंदशहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां दोस्ती के नाम पर एक बड़ा धोखा हुआ। 15 साल के अनमोल, जो अपने दोस्तों के साथ खेलता-कूदता था, उसी के दोस्तों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इतनी छोटी उम्र में इतनी बड़ी वारदात कैसे हो सकती है।

लापता होने से मची हलचल

मामला अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के छोटाबांस गांव का है। 29 मार्च को अनमोल अचानक लापता हो गया था। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पूरे गांव में चिंता का माहौल बन गया था।
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कुएं में मिला शव, मचा हड़कंप

2 अप्रैल को जब गांव के एक कुएं में अनमोल का शव मिला, तो हर कोई सन्न रह गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में मातम छा गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच

एसएसपी के निर्देश पर स्वाट टीम देहात और अहमदगढ़ पुलिस ने मिलकर जांच तेज की। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच सामने आता गया। पुलिस को पता चला कि इस हत्या में किसी बाहरी का नहीं, बल्कि अनमोल के ही तीन दोस्तों—रजत, अंकुर और मोनू—का हाथ है।

योजना बनाकर दिया वारदात को अंजाम

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका अनमोल से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी के चलते उन्होंने साजिश रची। पहले उसे बहाने से बुलाया, फिर उसे शराब पिलाई और जब वह नशे में हो गया, तो ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को कुएं में फेंक दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय

पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई ईंट, मोबाइल और अन्य जरूरी सबूत भी बरामद कर लिए गए हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस की तेजी और काम की हर तरफ तारीफ हो रही है।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह घटना समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि आखिर छोटे-छोटे झगड़ों में बच्चे इतनी बड़ी वारदात कैसे कर देते हैं। यह सोचने की जरूरत है कि बच्चों में बढ़ती आक्रामकता और गलत संगत को कैसे रोका जाए।

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